भोपाल
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने प्रदेश में सुशासन और पारदर्शी शासन की एक अनूठी मिसाल पेश की है। मुख्यमंत्री ने स्वयं संपर्क पोर्टल पर दर्ज एक प्रकरण के परिवादी से संवाद कर उसे राहत दिलवाई, जिसके बाद डूंगरपुर जिला प्रशासन ने सक्रियता दिखाते हुए मात्र 2 घंटे के भीतर समस्या का निस्तारण कर दिया।
मुख्यमंत्री की अनूठी पहल प्रदेश में आमजन को राहत देने के प्रयासों के तहत मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने संपर्क पोर्टल पर दर्ज प्रकरणों के परिवादियों से सीधे संवाद करने की पहल की है। इसी क्रम में शुक्रवार को मुख्यमंत्री ने डूंगरपुर के बोडीगाम छोटा निवासी जितेंद्र सिंह से बात की।
जितेंद्र सिंह ने बताया कि उन्होंने अपने बच्चों के मूल निवास एवं जाति प्रमाण पत्र के लिए 7 दिन पूर्व आवेदन किया था, लेकिन काम अटका होने के कारण उन्होंने पोर्टल पर परिवेदना दर्ज कराई थी। प्रशासन की त्वरित कार्रवाई मुख्यमंत्री कार्यालय से सूचना मिलते ही जिला कलेक्टर डूंगरपुर श्री अंकित कुमार सिंह ने तत्काल मोर्चा संभाला। जिला कलेक्टर को शुक्रवार दोपहर 3 बजे मुख्यमंत्री कार्यालय से सूचना प्राप्त हुई।
त्वरित समाधान: प्रशासन ने तत्परता दिखाते हुए मात्र 2 घंटे के भीतर जितेंद्र सिंह के बच्चों, संयम और क्रिया के मूल निवास एवं जाति प्रमाण पत्र जारी कर दिए। परिवादी का आभार: तत्काल राहत मिलने पर जितेंद्र सिंह ने राज्य सरकार और जिला प्रशासन का आभार व्यक्त किया। “मुख्यमंत्री के निर्देशों के बाद प्रशासन ने संवेदनशीलता दिखाते हुए रिकॉर्ड समय में प्रमाण पत्र जारी कर सुशासन की तस्वीर पेश की है।”
Read Also :- दुल्हन बनने से पहले बुझ गया घर का उजाला, पायलट शांभवी की अर्थी उठी
