भोपाल। भारतीय सनातन संस्कृति की मूल चेतना के संवाहक जनजातीय समाज की आस्था, संस्कृति और परंपराओं के संरक्षण हेतु आगामी 24 मई 2026 को देश की राजधानी दिल्ली के ऐतिहासिक लाल किला मैदान में विशाल ‘जनजाति सांस्कृतिक समागम’ का आयोजन किया जा रहा है। यह भव्य आयोजन धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा के 150वें जयंती वर्ष के पावन अवसर पर किया जा रहा है, जिसका उद्देश्य जनजातीय गौरव को वैश्विक पटल पर प्रदर्शित करना और जन-जागरूकता फैलाना है।
इस ऐतिहासिक समागम में देश के विभिन्न हिस्सों से जनजातीय प्रतिनिधि, सामाजिक कार्यकर्ता, युवा, मातृशक्ति और प्रबुद्धजन अपनी विशिष्ट पारंपरिक वेशभूषा और वाद्य यंत्रों के साथ सम्मिलित होंगे। यह कार्यक्रम जनजातीय समाज की सांस्कृतिक अस्मिता, पारंपरिक जीवन मूल्यों और सामूहिक चेतना के प्रत्यक्ष अनुभव का एक अनूठा अवसर होगा।
वनवासी कल्याण परिषद, भोपाल के कार्यकर्ता और कार्यक्रम के निवेदक संजय सक्सेना ने इस आयोजन को ‘सांस्कृतिक महाकुंभ’ बताते हुए सभी समाजजनों से विनम्र आग्रह किया है कि वे इस राष्ट्रीय समागम में अधिक से अधिक संख्या में सहभागी बनें।
उन्होंने कहा कि अपनी जीवंत सांस्कृतिक विरासत की अविरल धारा का प्रत्यक्ष अनुभव कर इस आयोजन को सफल और प्रेरणादायी बनाना प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है। दिल्ली के लाल किला मैदान में होने वाला यह समागम जनजातीय सशक्तिकरण की दिशा में एक नया अध्याय लिखेगा।
