भोपाल। राष्ट्रीय केमिकल्स एंड फर्टिलाइजर्स मुंबई में आयोजित मान्यता प्राप्त यूनियन के चुनाव में भारतीय मजदूर संघ ने एकतरफा और शानदार जीत दर्ज की है। 23 अप्रैल 2026 को हुए इस मतदान के परिणामों ने आरसीएफ के कर्मचारियों के बीच बीएमएस की मजबूत पैठ और विश्वास को एक बार फिर साबित कर दिया है।
घोषित परिणामों के अनुसार, भारतीय मजदूर संघ ने सर्वाधिक 614 वोट हासिल कर प्रथम स्थान प्राप्त किया। वहीं, प्रतिद्वंद्वी संगठन शिवसेना की यूनियन को 414 वोट और इंटक को मात्र 159 वोटों से संतोष करना पड़ा। इस बड़ी जीत के साथ ही बीएमएस ने प्रबंधन के साथ होने वाली वार्ता के लिए अपनी आधिकारिक मान्यता सुरक्षित कर ली है। इस ऐतिहासिक विजय के बाद बीएमएस नेतृत्व ने इसे आरसीएफ के श्रमिक साथियों की एकजुटता और संगठन के प्रति अटूट विश्वास का परिणाम बताया है।
संगठन के पदाधिकारियों का कहना है कि यह जीत केवल एक चुनाव की जीत नहीं, बल्कि मजदूरों के संघर्ष और उनके अधिकारों के लिए किए गए कार्यों की जीत है। भारतीय मजदूर संघ ने जीत के बाद अपने संकल्प को दोहराते हुए कहा कि संगठन सदैव कर्मचारियों के हितों, वेतन वृद्धि, अधिकार और सामाजिक सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध रहा है। आने वाले समय में भी कर्मचारियों की समस्याओं के निराकरण और उनकी बेहतरी के लिए पूरी निष्ठा के साथ कार्य किया जाएगा। जीत की घोषणा के साथ ही कार्यकर्ताओं ने ‘भारत माता की जय’ और ‘भारतीय मजदूर संघ जिंदाबाद’ के नारों से परिसर को गुंजायमान कर दिया।
