भोपाल। मप्र विधानसभा में नारी शक्ति संशोधन विधेयक पर चर्चा के दौरान राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कृष्णा गौर ने विपक्ष पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कांग्रेस द्वारा विधेयक को लेकर फैलाए जा रहे भ्रमों का सिलसिलेवार जवाब देते हुए विपक्ष की “दोहरी राजनीति” को उजागर किया। श्रीमती गौर ने कांग्रेस की उन तीन मुख्य दलीलों को “तर्कहीन” बताया, जिनके आधार पर विपक्ष इस विधेयक को रोकने का प्रयास कर रहा है।
मंत्री गौर ने कांग्रेस के उस दावे को खारिज किया जिसमें कहा गया था कि इस प्रस्ताव से दक्षिण भारतीय राज्यों की सीटों में कमी आएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार के प्रस्ताव में सभी राज्यों में सीटों की संख्या को 50% के समान अनुपात में बढ़ाने का प्रावधान है। उन्होंने जोर देकर कहा कि इस वैज्ञानिक दृष्टिकोण से किसी भी राज्य के प्रतिनिधित्व पर नकारात्मक प्रभाव नहीं पड़ेगा।
विपक्ष द्वारा ओबीसी महिलाओं को आरक्षण न मिलने के दावे पर गौर ने स्वयं का उदाहरण दिया। उन्होंने कहा, “मैं खुद ओबीसी समाज से आती हूँ। कांग्रेस ने कभी भी पिछड़ों को संगठन या सत्ता में वास्तविक प्रतिनिधित्व नहीं दिया, जबकि भाजपा ने हमेशा इस वर्ग को सम्मान दिया है। कांग्रेस केवल भ्रम फैलाकर समाज को बांटने का काम कर रही है।” तीसरे दावे पर प्रहार करते हुए श्रीमती गौर ने कांग्रेस पर ‘मुस्लिम तुष्टिकरण’ का आरोप लगाया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि भारतीय संविधान में धर्म के आधार पर आरक्षण का कोई प्रावधान नहीं है।
कांग्रेस जानबूझकर इस मुद्दे को हवा दे रही है। उन्होंने कांग्रेस के पुराने रुख पर सवाल उठाते हुए कहा कि ट्रिपल तलाक जैसे मुद्दों पर भी कांग्रेस ने महिलाओं के हितों के बजाय तुष्टिकरण की राजनीति को प्राथमिकता दी थी। श्रीमती गौर ने अपने संबोधन के अंत में कहा कि कांग्रेस और उसके सहयोगियों ने इस ऐतिहासिक विधेयक का विरोध कर देश की मातृशक्ति का अपमान किया है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की कथनी और करनी का अंतर अब देश और प्रदेश की महिलाओं के सामने पूरी तरह उजागर हो चुका है और महिलाएं इस अपमान का जवाब आने वाले समय में जरूर देंगी।
