भोपाल। मप्र की मोहन यादव सरकार नए वित्त वर्ष के पहले ही महीने में अपनी वित्तीय आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए एक बार फिर बाजार से कर्ज लेने जा रही है। मंगलवार को सरकार रिजर्व बैंक के माध्यम से कुल 2800 करोड़ रुपए का कर्ज उठाएगी। यह राशि दो किस्तों में ली जाएगी, जिसमें पहली किस्त 1600 करोड़ रुपए की 8 साल की अवधि के लिए और दूसरी किस्त 1200 करोड़ रुपए की 22 साल के लिए होगी, जिसका ब्याज छमाही आधार पर चुकाया जाएगा।
गौर करने वाली बात यह है कि अप्रैल माह के शुरुआती 15 दिनों के भीतर सरकार पहले ही 1800 करोड़ रुपए का ऋण ले चुकी है, जिसका भुगतान 15 अप्रैल को किया गया था। इस नए कर्ज के साथ ही अप्रैल महीने में कुल उधारी की राशि 4600 करोड़ रुपए तक पहुंच जाएगी। वित्त विभाग द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, 31 मार्च 2025 की स्थिति में राज्य पर कुल कर्ज का भार 4 लाख 14 हजार 611 करोड़ रुपए से अधिक बताया गया है।
हालांकि, सरकार ने अभी तक 31 मार्च 2026 की स्थिति के ताजा आंकड़े स्पष्ट नहीं किए हैं। गौरतलब है कि बीते वित्त वर्ष के आखिरी महीने मार्च में सरकार ने रिकॉर्ड 18,700 करोड़ रुपए का कर्ज लिया था, जिसमें 3 मार्च को एक ही दिन में 6300 करोड़ रुपए की सबसे बड़ी उधारी भी शामिल थी। सरकार द्वारा लगातार लिए जा रहे इन ऋणों को राज्य में चल रही जनकल्याणकारी योजनाओं और बुनियादी ढांचे के विकास कार्यों के लिए वित्तीय संसाधन जुटाने की कवायद के रूप में देखा जा रहा है।
