26.7 C
London
Monday, June 22, 2026
Homeचीन पर नहीं पड़ा रत्ती भर भी असर! धरा रह गया अमेरिका...

चीन पर नहीं पड़ा रत्ती भर भी असर! धरा रह गया अमेरिका का टैरिफ, लेकिन इंडिया को लगा बड़ा झटका

Published on

नई दिल्ली

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने जितने जोर-शोर से चीन पर टैरिफ लगाने का बात कही थी, वह सब धराशायी दिखाई दे रही है। अमेरिकी टैरिफ से बेखबर चीन की इकनॉमी रफ्तार पकड़ रही है। यह सब हुआ है चीन की कंपनियों की बदौलत। चीन की कुछ कंपनियों ने दुनिया में झंडे गाड़ दिए हैं। विदेशी निवेशक (FII) चीन की ओर खिंचे चले जा रहे हैं। हालांकि इस सब में भारत प्रभावित हुआ है।

विदेशी निवेशकों ने इस हफ्ते चीनी शेयर बाजार में खूब पैसा लगाया है। ये निवेश करीब 1.2 अरब डॉलर का है। अक्टूबर 2024 के बाद ये सबसे बड़ी साप्ताहिक निवेश है। इलेक्ट्रिक गाड़ियों की बड़ी कंपनी BYD और चीन की AI कंपनियों के शेयरों में जबरदस्त उछाल आया है। इससे चीन के बाजार में फिर से तेजी आने की उम्मीद जगी है। दुनिया भर के फंड मैनेजर अब चीन की अर्थव्यवस्था पर ज्यादा भरोसा जता रहे हैं और वहां निवेश बढ़ा रहे हैं।

भारत पर पड़ रहा असर
चीन पर ट्रंप और भी सख्त रुख अपना रहे हैं। उनका कहना है कि चीन का आर्थिक विकास अमेरिकी वर्कर्स को नुकसान पहुंचा रहा है और दुनिया भर के उद्योगों को अस्थिर कर रहा है। ट्रंप के नए टैरिफ चीन के प्रभाव को कम करने के लिए हैं, लेकिन इससे उन देशों की अर्थव्यवस्थाओं में भी दिक्कतें आ रही हैं जो चीन के साथ ट्रेड पर निर्भर हैं।

ट्रंप की टैरिफ वॉर सिर्फ अमेरिका और चीन के बीच की लड़ाई नहीं है। यह दुनिया भर के ट्रेड के तरीकों को बदल रही है। इससे भारत जैसे देशों को मुश्किल फैसले लेने पड़ रहे हैं और उभरते बाजारों में दिक्कतें आ रही हैं। वहीं विदेशी निवेशकों के चीन जाने से भारतीय शेयर मार्केट को गिरावट का सामना करना पड़ रहा है।

चीनी सरकार की क्या हैं नीतियां?
एलारा सिक्योरिटीज के ग्लोबल लिक्विडिटी ट्रैकर के अनुसार, इस हफ्ते चीन में विदेशी फंड का निवेश 1.2 अरब डॉलर रहा। ये आंकड़ा अक्टूबर के बाद सबसे ज्यादा है। तब चीन सरकार ने बाजार में पैसा बढ़ाने के लिए कुछ नीतियां लागू की थीं, जिसके बाद शेयरों की खूब खरीदारी हुई थी। अब फिर से वैसी ही स्थिति दिख रही है। पहले विदेशी फंड मैनेजर चीन को लेकर थोड़े सतर्क थे, लेकिन पिछले छह हफ्तों से वे लगातार चीन में अपना निवेश बढ़ा रहे हैं।

कैसी है BYD की स्थिति‌?
BYD कंपनी चीन के बाजार को आगे बढ़ा रही है। इस कंपनी के शेयर 2025 में 31% से ज्यादा बढ़ गए हैं। ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि BYD ने एक नई तकनीक विकसित की है जिससे इलेक्ट्रिक गाड़ियां बहुत जल्दी चार्ज हो जाती हैं।

इस तकनीक से सिर्फ पांच मिनट में 400 किलोमीटर तक गाड़ी चलाई जा सकती है। ये इलेक्ट्रिक गाड़ियों के बाजार में एक बड़ा बदलाव ला सकती है। इस तेजी के कारण BYD का बाजार मूल्य 155 अरब डॉलर से ज्यादा हो गया है। अब ये टेस्ला को टक्कर देने के करीब पहुंच गई है। टेस्ला दुनिया की सबसे बड़ी इलेक्ट्रिक कार बनाने वाली कंपनी है।

AI का भी बढ़ा रहा बाजार
चीन में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का बाजार भी तेजी से बढ़ रहा है। DeepSeek कंपनी ने जनवरी में अपना R1 मॉडल पेश किया, जिससे टेक्नोलॉजी के बाजार में तेजी आ गई। इस तेजी ने चीन की ‘टेरीफिक टेन’ कंपनियों को सुर्खियों में ला दिया है। इन कंपनियों में टेनसेंट, अलीबाबा, Baidu और BYD शामिल हैं। अब ये कंपनियां अमेरिका की ‘मैग्निफिसेंट सेवन’ कंपनियों को टक्कर देने के लिए तैयार हैं।

Latest articles

भेल में मना 12वां अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस, ‘नीम के पेड़’ का केक काटकर मनाया जन्मदिन

​भोपाल। ​भेल (BHEL) खेल परिसर, भोपाल के एथलेटिक्स ग्राउंड में आज 12वां अंतर्राष्ट्रीय योग...

योग भारत की अमूल्य विरासत, हर उम्र के लिए जरूरी, बीएचईएल हरिद्वार में धूमधाम से मना अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस

​"योग फॉर हेल्दी एजिंग" थीम पर बीएचईएल इंटरनेशनल क्लब में हुआ भव्य आयोजन...

भोपाल में छात्र संगठन ने री-नीट परीक्षा से पहले किया हवन, बोले- सरकार पर भरोसा नहीं भगवान भरोसे छात्र

भोपाल। पेपर लीक विवाद के बाद रविवार को देशभर में री-नीट परीक्षा आयोजित की...

वेयरहाउस नोटिस पर भड़के जीतू पटवारी, अधिकारी से बोले- सरकार का माल हटा लो, बेइज्जती बर्दाश्त नहीं

भोपाल। इंदौर के सांवेर स्थित अपने वेयरहाउसों को नोटिस मिलने के बाद कांग्रेस प्रदेश...

More like this

भेल में अत्याधुनिक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग प्रणालियों का उद्घाटन— ईडी ने किया शुभारंभ

भोपाल। भारत हैवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड (भेल) भोपाल के कार्यपालक निदेशक (ईडी) पीके उपाध्याय ने...

कॉर्पोरेट इंस्टीट्यूट ऑफ फार्मेसी में DBT प्रायोजित व्याख्यान श्रृंखला संपन्न: जैव प्रौद्योगिकी के भविष्य पर हुई चर्चा

भोपाल। भारत सरकार के बायोटेक्नोलॉजी विभाग (DBT) के सहयोग से भोपाल के कॉर्पोरेट इंस्टीट्यूट ऑफ...