4.8 C
London
Thursday, March 26, 2026
Homeराज्यमहाराष्ट्र में हार के बाद अघाड़ी में दरार! उद्धव गुट के नेता...

महाराष्ट्र में हार के बाद अघाड़ी में दरार! उद्धव गुट के नेता बोले – पार्टी को अकेले लड़ना चाहिए चुनाव

Published on

मुंबई,

महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में मिली करारी शिकस्त के बाद महाविकास अघाड़ी में भी बैठकों का दौर जारी है और दूसरी तरफ चुनाव नतीजों से अघाड़ी दरार पड़ती नजर आ रही है. कांग्रेस, उद्धव गुट की शिवसेना और शरद पवार की एनसीपी वाली महाविकास अघाड़ी विधानसभा चुनाव में 288 में से सिर्फ 46 सीटें जीत सकी थी. इस हार के बाद अब उद्धव गुट के नेता अंबादास दानवे ने कहा है कि उनकी पार्टी का जन्म सत्ता पर कब्ज़ा करने के लिए नहीं हुआ था.

पार्टी अलग से लड़े चुनाव- दानवे
दरअसल शिवसेना ठाकरे गुट के हारे हुए उम्मीदवारों के साथ-साथ जीते हुए विधायकों और पदाधिकारियों के बीच बैठक हुई है. बैठक के बाद दानवे ने कहा कि पार्टी कार्यकर्ताओं का एक वर्ग महसूस करता है कि पार्टी को भविष्य के चुनाव स्वतंत्र रूप से लड़ने चाहिए. उन्होंने कहा कि कुछ कार्यकर्ता जिन्होंने पिछले दिनों चुनाव लड़ा था उन्होंने अपने दम पर लड़ने की भावना व्यक्त की है.

दानवे ने कहा, “पार्टी के एक बड़े वर्ग में स्वतंत्र रूप से चुनाव लड़ने की भावना है. इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि शिवसेना (यूबीटी) सत्ता में आती है या नहीं. पार्टी सत्ता हथियाने के लिए पैदा नहीं हुई है.यह एक विचारधारा पर काम करने वाली पार्टी है. कार्यकर्ताओं का एक वर्ग का मानता ​​है कि पार्टी को भविष्य में अकेले चुनाव लड़ना चाहिए.”

कांग्रेस ने भी किया उद्धव गुट जैसा दावा
वहीं दानवे के बयान और महाराष्ट्र चुनाव पर कांग्रेस नेता विजय वडेट्टीवार ने कहा, ‘शिवसेना (यूबीटी) नेताओं की तरह ही कांग्रेस के लोग भी अकेले चुनाव लड़ना चाहते हैं. लेकिन यह पार्टी का फैसला नहीं हो सकता. हम नतीजों और हार के कारणों का विश्लेषण करने में जुटे हैं. प्रचंड मोदी लहर के बावजूद भी हमने मौजूदा नतीजों से बेहतर प्रदर्शन किया और यही वजह है कि हमें ईवीएम पर संदेह है. न्यायपालिका को इस पर ध्यान देना चाहिए. ‘

दानवे के इस बयान से सियासी गलियारों में चर्चा हो रही है कि उद्धव ठाकरे की शिवसेना आने वाले नगर निगम चुनाव में स्वतंत्र रूप से चुनाव लड़ सकती हैं. अगर ऐसा होता है तो यह महाविकास अघाडी के लिए एक झटके से कम नहीं होगा.महाविकास अघाडी के नेताओं के बीच आपसी बयानबाजी पर बीजेपी सांसद अशोक च्वहाण की प्रतिक्रिया सामने आई है. उन्होंने कहा, ‘अघाडी में कोई साथ नहीं है .. उस अघाडी का कोई मतलब नहीं है .. संभावना कम है कि अब उद्धव अघाडी में रहेंगे.’

अघाडी का रहा था निराशाजनक प्रदर्शन
288 सदस्यों की विधानसभा में महायुति ने 233 सीटों पर जीत हासिल की है जिसमें बीजेपी की 132, शिंदे शिवसेना की 57 और एनसीपी की 41 सीटें शामिल हैं. वहीं विपक्षी गठबंधन महाविकास अघाडी महज 49 सीटें हासिल कर पाई जिसमें सबसे ज्यादा उद्धव ठाकरे की शिवसेना (20 सीट) हासिल की थी. इसके अलावा कांग्रेस 16 और शरद पवार की एनसीपी 10 सीट जीत पाई थी.

Latest articles

राजधानी भोपाल से भगवान श्रीराम की नगरी तक हेलीकाप्टर सेवा शुरू — मुख्यमंत्री

भोपाल मुख्यमंत्री डॉक्टर मोहन यादव के जन्मदिन पर बुधवार को भोजपाल महोत्सव मेला समिति द्वारा...

नगर निगम की बड़ी कार्रवाई: शहरभर में अतिक्रमण हटाया, सामान जब्त

भोपाल भोपाल में नगर निगम द्वारा अतिक्रमण के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है।...

नई दिल्ली दौरे पर सीएम भजनलाल शर्मा, विकास परियोजनाओं पर हुई अहम बैठकें

भजनलाल शर्मा ने बुधवार को नई दिल्ली दौरे के दौरान कई केंद्रीय मंत्रियों और...

कोटक महिंद्रा बैंक पर 160 करोड़ की धोखाधड़ी का आरोप, पंचकूला नगर निगम की एफडी में बड़ी गड़बड़ीपंचकूला।

हरियाणा के पंचकूला नगर निगम के करोड़ों रुपये के फिक्स्ड डिपॉजिट (एफडी) को लेकर...

More like this

राजस्थान सेमीकंडक्टर पॉलिसी-2026 जारी, निवेश और रोजगार को मिलेगी नई दिशा

जयपुर। भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राज्य सरकार ने ‘‘राजस्थान सेमीकंडक्टर पॉलिसी-2026’’ जारी कर तकनीकी...

बीएचईएल हरिद्वार नाम किया रोशन,‘शौर्य’ गुणता चक्र को राष्ट्रीय स्तर पर मिला प्रथम स्थान

हरिद्वारभारत हेवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड (बीएचईएल) हरिद्वार की हीप इकाई के अंतर्गत न्यू ब्लेड शॉप...

हर घर जल’ की दिशा में राजस्थान का ऐतिहासिक कदम, JJM 2.0 में एमओयू करने वाला देश का पहला राज्य बना

जयपुर । प्रदेश ने ‘हर घर जल’ के लक्ष्य को नई गति देते हुए एक...