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बाजारों में भीड़, ना मास्क, ना दूरी… दिल्ली में कोविड संक्रमण बढ़ रहा है लेकिन लोग लापरवाह

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नई दिल्ली

दिल्ली में पिछले दो दिनों से कोविड जांच कराने वाले हर 100 में से औसतन 15 से 17 लोगों में संक्रमण पाया गया है। पिछले कुछ दिनों से संक्रमण दर में इजाफा दर्ज होने के बावजूद आम लोग इसको लेकर गंभीर नहीं दिख रहे हैं। हालत यह है कि लोग न तो मेट्रो में मास्क लगा रहे हैं, न भीड़भाड़ वाले बाजार में और न ही बसों में। न दूरी का ख्याल है अब और न ही चेहरे पर मास्क है। ऊपर से सेल्फ किट से घर में ही अपनी जांच कर रहे हैं, पॉजिटिव आने पर उसे ऐप में अपलोड भी नहीं कर रहे हैं। लापरवाही इस हद तक है कि पॉजिटिव आने पर भी 7 दिनों के आइसोलेशन में नहीं रह रहे हैं मरीज। इस वजह से दिल्ली में कोविड का संक्रमण बढ़ता जा रहा है। राहत की बात यह है कि संक्रमण सीवियर नहीं कर रहा है, ज्यादातर लोग 3 से 4 दिनों में ठीक हो जा रहे हैं। उधर, दिल्ली में कोविड के ओमिक्रॉन वेरिएंट का एक नया सब वेरिएंट मिला है। एलएनजेपी अस्पताल के मेडिकल डायरेक्टर डॉक्टर सुरेश कुमार ने बताया कि नया सब वेरिएंट BA2.75 मिला है। उन्होंने कहा कि 90 सैंपल की जिनोम सिक्वेंसिंग की गई है, उसमें से यह नतीजा पाया गया है।

दिल्ली के सबसे बड़ा कोविड सेंटर एलएनजेपी हॉस्पिटल के मेडिकल डायरेक्टर डॉक्टर सुरेश कुमार ने बताया कि अभी 75 मरीज एडमिट हैं, जिसमें से 2 वेंटिलेटर पर हैं। इसमें दो बच्चे हैं। एक 11 साल का है और दूसरा न्यू बॉर्न बेबी है। मां पॉजिटिव थीं, जिससे बच्चे को संक्रमण हुआ। उसे अभी नर्सरी में रखा गया है। डॉक्टर सुरेश ने कहा कि बारिश के मौसम में बीमारी का खतरा पहले से ही ज्यादा होता है। रक्षा बंधन का पर्व है, बाजारों में भीड़ है, लोग बिना मास्क के घूम रहे हैं, ऐसे में संक्रमण का खतरा बढ़ गया है। पिछले दिनों गिनती के मरीज आ रहे थे, अभी औसतन रोज 10 मरीज आ रहे हैं। हालांकि, सभी को एडमिशन की जरूरत नहीं हो रही है, बावजूद संख्या में बड़ा इजाफा हुआ है।

बीएलके सुपर स्पेशिएलिटी हॉस्पिटल के रेस्पेट्री डिपार्टमेंट के डॉ संदीप नय्यर ने कहा कि कुछ समय पहले तक कोविड की वजह से किसी मरीज का कॉल नहीं आता था। अभी दिन भर में कम से कम 15 से 20 कॉल आ रहे हैं। ओपीडी में भी मरीज आ रहे हैं, कुछ को एडमिट करना पड़ता है। उन्होंने कहा कि बुधवार को एक बुजुर्ग मरीज को एडमिट करना पड़ा, क्योंकि उनका शुगर लेवल अनकंट्रोल्ड था। उन्होंने कहा कि राहत की बात यह है कि कोविड की वजह से लोग एडमिट नहीं हो रहे हैं, जो लोग पहले से कैंसर, टीबी, हार्ट, डायबिटीज जैसी बीमारी से ग्रस्त हैं और उन्हें कोविड हो जा रहा है, ऐसे लोगों को एडमिट करना पड़ रहा है।

डॉक्टर संदीप ने कहा कि अभी जितने मामले सामने आ रहे हैं, उससे कहीं ज्यादा मामले हैं। अब तो लोग टेस्ट ही नहीं कराते हैं। जो लोग टेस्ट कराते हैं, उनमें से अधिकांश सेल्फ टेस्ट किट से अपने घरों में कोविड की जांच कर रहे हैं। घर में जांच करने पर अगर कोई पॉजिटिव आता है तो उसे ऐप में अपलोड भी नहीं करते हैं। ऊपर से दो दिन में जैसे ही फीवर कम होता है, वो बाहर घूमने-फिरने लगते हैं। ऑफिस जाने लगते हैं। काम पर चले जाते हैं। अपनी बीमारी के बारे में बताते ही नहीं हैं। यह सही नहीं है, इससे संक्रमण का सोर्स बढ़ रहा है। आसपास अभी कोई भी संक्रमण का सोर्स हो सकता है, इससे बचने का एक मात्र तरीका है मास्क लगाएं और दूरी बनाकर रहें।

अपलोड करें सेल्फ टेस्ट किट की रिपोर्ट
सेल्फ किट के इस्तेमाल के लिए हर कंपनी ने अपना एक ऐप बनाया है। जिस कंपनी का किट लेंगे, उसका ऐप डाउनलोड करना होगा। उसे उस ऐप पर रजिस्टर होना होगा। हर किट में इसके इस्तेमाल के तरीके बताए गए हैं। किट में एक स्वैब होता है। उस स्वैब को मरीज अपनी नाक के दोनों छेद में 5-5 बार घुमाएं और इसके बाद स्वैब को किट में मौजूद ट्यूब में डाल दें। यहां 10 बार घुमाएं और इसके बाद स्वैब को तोड़ दें। फिर टेस्ट कार्ड लें, उसमें ट्यूब से दो बूंद डालें और 20 मिनट तक इंतजार करें। एक एक लाइन आए तो निगेटिव और दो लाइन आए तो पॉजिटिव। घर बैठे 20 मिनट में रिपोर्ट आ जाती है। इसके बाद इस रिपोर्ट को ऐप पर डाउनलोड करना होता है। लेकिन सूत्रों का कहना है कि अधिकांश लोग अपनी रिपोर्ट अपलोड नहीं कर रहे हैं।

दिल्ली में मिला ओमिक्रॉन का एक नया सब वेरिएंट
दिल्ली में कोविड के ओमिक्रॉन वेरिएंट का एक नया सब वेरिएंट मिला है। एलएनजेपी अस्पताल के मेडिकल डायरेक्टर डॉक्टर सुरेश कुमार ने बताया कि नया सब वेरिएंट BA2.75 मिला है। उन्होंने कहा कि 90 सैंपल की जिनोम सिक्वेंसिंग की गई है, उसमें से यह नतीजा पाया गया है। आधे से अधिक सैंपल में नया वेरिएंट ही है। यह बाकी सब वेरिएंट की तरह ही बहुत तेजी से फैलता है, लेकिन मरीज जल्दी ठीक हो रहे हैं। डॉक्टर सुरेश ने कहा कि पैनिक होने वाली कोई बात नहीं है, कोरोना हो जरूर रहा है, लेकिन एडमिट की जरूरत नहीं हो रही है। इसलिए घबराने वाली बात नहीं है। लेकिन उन्होंने हिदायत देते हुए कहा कि लोगों को इसे गंभीरता से लेना चाहिए और नियमों का पालन करना चाहिए।

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