श्रीनगर/अहमदाबाद
केंद्र सरकर ने पहलगाम आतंकी हमले की जांच एनआईए को सौंपी है। हमले के सातवें दिन पहलगाम आतंकी हमले का वीडियो सामने आया है। गुजरात के अहमदाबाद में रहने वाले ऋषि भट्ट के कैमरे में कैद आतंकी हमले की तस्वीरें कैद हुई हैं। फायरिंग से हो रही मौत की तस्वीरें जिप लाइन एक्टिविटी के दौरान रिकॉर्ड हुई हैं। इस वीडियो में आतंकी गोलियां बरसाते हुए दिख रहे हैं। यह वीडियो आतंकियों की क्रूरता को न सिर्फ बयां कर रहा है बल्कि इसमें गोलियों की आवाज भी सुनवाई दे रही है। ऋषि भट्ट अहमदाबाद के पालडी के रहने वाले हैं।
ऋषि भट्ट ने जताया संदेह
ऋषि भट्ट ने बैसरन वैली में जिप लाइन चलाने वालों पर आंशका व्यक्त की है। भट्ट ने इस बात की पुष्टि की है कि वहां पर आतंकियों ने धर्म पूछकर गोली मारी। जिप लाइन से जब ऋषि भट्ट नीचे आ रहे थे तब जिप लाइन वाले ‘अल्लाह हू अकबर’ के नारे लगा रहे थे। ऋषि भट्ट का कहना है कि मेरे सामने ही 17-18 लोगों को गोली मारी गई। आतंकी हमले की जांच कर रही एनआईए ने अभी तक पूछताछ के दायरे में एक फोटोग्राफर को लिया था। जिसका गवाही काफी अहम मानी जा रही है। ऋषि भट्ट द्वारा शूट किया गए वीडियाे में गोलियां की आवाज रिकॉर्ड हुई है। ऋषि भट्ट के वीडियो में एक स्थान पर काफी लोग इकट्ठे दिख रहे हैं जबकि गोलियां की आवाज के बीच काफी लोग बैसरन वैली में जान बचाने के लिए भग रहे हैं।
अंत में चलता है पता पहलगाम आतंकी हमले के वक्त पर जिप लाइन एक्टीविटी कर रहे ऋषि भट्ट को शुरुआत में कुछ नहीं पता चलता है। 53 सेकेंड के इस वीडियो में ऋषि भट्ट के आखिर में एक्सप्रेशन चेंज होते हैं। अभी तक पहलगाम आतंकी हमले के जो भी चश्मदीद सामने आए हैं उन्होंने बताया है कि आतंकियों ने ग्राउंड में लोगों को इकट्ठा किया था। इस वीडियो में कुछ लोग मैदान में इकट्ठे दिखाई दे रहे हैं। ऋषि भट्ट का कहना है कि जिप लाइन ऑपरेटर से पूछताछ की जानी चाहिए। सवाल है कि क्या क्या जिप लाइनऑपरेट करने वाले को पता था की हमला होने वाला है? ऋषि भट्ट का कहना है कि शुरुआत में कोई आइडिया नहीं था, जब ग्राउंड पर एक व्यक्ति को गिरते देखा तो लाइव देखा फायरिंग का अनुमान लगा। बाद में जिप लाइन के एंड प्वाइंट पर पत्नी ने पूरा वाकया बताया।
