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Friday, January 23, 2026
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5 साल के बाद ऐसी बुरी खबर… जिसका डर था शेयर बाजार में वही हो गया!

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नई दिल्‍ली ,

बीते साल अक्‍टूबर में जब कंपनियों के सितंबर तिमाही के नतीजे आने शुरू हुए थे तो किसी को अंदाजा भी नहीं था कि ये खराब रिजल्‍ट स्‍टॉक मार्केट इन्‍वेस्‍टर्स पर इतने भारी पड़ने वाले हैं. लेकिन जब गिरावट बढ़ने लगी तो ये डर था कि कहीं कोविड के दौरान जैसा हाल ना हो जाए? जो अब सच हो चुका है.

सितंबर तिमाही नतीजों ने स्‍टॉक मार्केट को पहला बड़ा झटका दिया था. फिर शुरू हुई FII की सेलिंग, जिसने हर दिन भारतीय शेयर बाजार से पैसे निकालने शुरू कर दिए. इसके बाद ट्रंप टैरिफ, फेडरल रेट कट, महंगाई बढ़ने की आशंका और अन्‍य छोटे-बड़े मुद्दों ने भारतीय शेयर बाजार को ऐसे प्रभावित किया है कि आज मिड कैप (MidCap) और स्‍मॉल कैप (Smallcap) इंडेक्‍स Bearish Market में जा चुके हैं. यानी कि इसमें 20% से ज्‍यादा की गिरावट आ चुकी है.

हालांकि स्‍मॉलकैप इंडेक्‍स पहले ही Bearish Market में जा चुका था. अब सिर्फ लार्जकैप ही बचा हुआ है, जिसमें इतनी गिरावट नहीं है. अगर इसमें भी 20 फीसदी से ज्‍यादा की गिरावट आती है तो भारतीय शेयर बाजार मंदी में चला जाएगा.

5 साल के बाद ऐसी बड़ी गिरावट
भारतीय शेयर बाजार में ऐसी गिरावट 5 साल पहले 2020 में कोविड के दौरान आया था. जब स्‍मॉलकैप और मिडकैप इंडेक्‍स 20 फीसदी से ज्‍यादा गिर गए थे. अब एक बार फिर ऐसी ही गिरावट आई है. Smallcap 23 फीसदी से ज्‍यादा टूट चुका है. अक्‍टूबर में यह BSE Smallcap 57450 पर था, जो अब 44,086.03 पर आ गया है. वहीं मिडकैप में भी ऐसी ही गिरावट आई है. 1 अक्‍टूबर को बीएसई मिडकैप 49448 पर था, जो अब 39,462.20 पर आ चुका है. यानी कि इसमें 21 फीसदी की गिरावट आई है.

कितने गिरे सेंसेक्‍स और निफ्टी?
Sensex की बात करें तो यह 1 अक्‍टूबर से अभी तक करीब 8,500 अंक टूट चुका है, जो 10 फीसदी से ज्‍यादा की गिरावट है. सिर्फ साल 2025 में इस इंडेक्‍स में करीब 3000 अंक या 4 फीसदी की कमी आई है. इसी तरह, Nifty50 में करीब 3000 अंकों की गिरावट आई है, जो अक्‍टूबर से अभी तक 11.3 फीसदी की गिरावट को दिखाता है. जबकि सेंसेक्स-निफ्टी अपने 52 वीक हाई से 15-15 फीसदी टूट चुके हैं.

FII ने कब-कब कितने निकाले पैसे?
अक्‍टूबर से ही भारतीय शेयर बाजार से विदेशी निवेशकों ने खूब पैसे निकाले हैं. सिर्फ साल 2025 की बात करें तो अभी तक इस मार्केट से 1 लाख करोड़ रुपये से ज्‍यादा की सेल की जा चुकी है. नवंबर में 45,974.12 करोड, दिसंबर में 16,982.48 करोड़ और जनवरी में 87,374.66 करोड़ रुपये निकाले हैं.

बढ़ रहा मंदी का खतरा
भारतीय शेयर बाजार में अब धीरे-धीरे मंदी का खतरा नजर आ रहा है. क्‍योंकि लार्जकैप इंडेक्‍स भी 15 फीसदी से ज्‍यादा टूट चुके हैं अगर ये भी 20 फीसदी से ज्‍यादा टूट जाते हैं तो शेयर बाजार मंदी की ओर बढ़ जाएगा.

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