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Tuesday, March 17, 2026
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मणिपुर में नहीं थम रही हिंसा, कांग्रेस ने राज्यपाल से की विधानसभा का विशेष सत्र बुलाकर चर्चा की मांग

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नई दिल्ली

मणिपुर में विपक्षी दल कांग्रेस ने राज्यपाल अनुसुइया उइके से राज्य के मौजूदा संकट पर चर्चा के लिए विधानसभा का विशेष सत्र आयोजित करने का अनुरोध किया है। कांग्रेस विधायक दल के नेता ओकराम इबोबी सिंह समेत कांग्रेस के पांच विधायकों ने राज्यपाल को पत्र लिखकर कहा कि मई की शुरुआत से राज्य जातीय हिंसा से प्रभावित है और मौजूदा स्थिति पर चर्चा और यहां शांति कैसे बहाल की जाए इस पर सुझाव के लिए विधानसभा सबसे उपयुक्त मंच है।

पूर्वोत्तर राज्यों के सांसदों के एक समूह ने बुधवार को राज्यसभा के सभापति जगदीप धनखड़ से मुलाकात की और उनसे मणिपुर की स्थिति पर अल्पकालिक चर्चा शुरु करने का आग्रह किया। सांसदों ने कहा कि उन्होंने नियम 176 के तहत बहस का अनुरोध किया है, जो अल्पकालिक चर्चा के लिए है।

वहीं, मणिपुर के मोरेह जिले में बुधवार को भीड़ ने कम से कम 30 मकानों और दुकानों को आग लगा दी और सुरक्षा बलों पर गोलियां चलायीं। खाली पड़े ये मकान म्यांमार की सीमा के करीब मोरेह बाजार क्षेत्र में थे। भीड़ ने मोरेह में फॉरेस्ट गेस्ट हाउस को भी आग लगा दी। अधिकारियों ने बताया कि आगजनी के बाद भीड़ और सुरक्षा बलों के बीच गोलीबारी भी हुई। सुरक्षा बलों ने भीड़ को तितर-बितर कर दिया।

सुरक्षाबलों की बसों को किया आग के हवाले
अधिकारियों ने बताया कि यह आगजनी कांगपोकपी जिले में भीड़ द्वारा सुरक्षाबलों की दो बसों को आग के हवाले करने की घटना के एक दिन बाद हुई। यह घटना सपोरमीना में उस समय हुई, जब बसें मंगलवार शाम दीमापुर से आ रही थीं। इस दौरान किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है। अधिकारियों ने बताया कि स्थानीय लोगों ने मणिपुर के रजिस्ट्रेशन नंबर वाली बस को सपोरमीना में रोक लिया और कहा कि वे इस बात की जांच करेंगे कि बस में कहीं दूसरे समुदाय का कोई सदस्य तो नहीं है। अधिकारियों ने बताया कि उनमें से कुछ लोगों ने बसों में आग लगा दी। पुलिस ने बुधवार रात को बताया कि बसों को आग लगाने की घटना के संबंध में एक नाबालिग समेत नौ लोगों को गिरफ्तार किया गया है।

मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह ने कहा कि इंफाल के सजीवा और थाउबल जिले के याइथिबी लोकोल में अस्थायी घरों का निर्माण पूरा होने वाला है। सिंह ने एक ट्वीट कर कहा, ‘‘बहुत जल्द पीड़ित परिवार राहत शिविरों से इन घरों में जा सकेंगे। राज्य सरकार हाल की हिंसा से प्रभावित लोगों के पुनर्वास के लिए पहाड़ियों और घाटी दोनों में हर संभव उपाय कर रही है।’’ गौरतलब है कि मणिपुर में अनुसूचित जनजाति का दर्जा देने की मैतेयी समुदाय की मांग के विरोध में पर्वतीय जिलों में तीन मई को आयोजित आदिवासी एकजुटता मार्च के दौरान हिंसा भड़कने के बाद से राज्य में अब तक 160 से ज्यादा लोग मारे जा चुके हैं और कई घायल हुए हैं।

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