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Wednesday, December 10, 2025
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सीएम मोहन यादव का ये रूप नहीं देखा होगा, 11 अधिकारी-कर्मचारियों की कर दी छुट्टी, जानें क्यों?

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भोपाल:

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सोमवार रात हेल्पलाइन की समीक्षा बैठक में बिजली बिल, लापता व्यक्ति की रिपोर्ट और योजना में देरी से जुड़ी शिकायतों पर कड़ी कार्रवाई की। उन्होंने 11 अधिकारियों और कर्मचारियों को निलंबित कर दिया, जिनमें रायसेन के एक बिजली कंपनी के जीएम और खंडवा के एक पुलिस उपनिरीक्षक शामिल हैं। सीएम ने अशोकनगर, आलीराजपुर और बालाघाट के कलेक्टरों पर भी नाराजगी जताई।

बिजली बिल में गड़बड़ी पर एक्शन
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने ‘समाधान ऑनलाइन’ पहल की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। बैठक के दौरान, रायसेन जिले के एक व्यक्ति ने बिजली बिल में गड़बड़ी की शिकायत की। इस पर तुरंत कार्रवाई करते हुए, सीएम ने बिजली वितरण कंपनी के महाप्रबंधक को निलंबित कर दिया।

खंडवा में रिपोर्ट दर्ज न करने पर कार्रवाई
खंडवा जिले से एक लड़की के गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज न करने की शिकायत पर सीएम ने उपनिरीक्षक को निलंबित कर दिया। इस मामले में एसडीओपी और टीआई को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है और एसपी को जांच की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

झाबुआ में पंचायत सचिव निलंबित
इसी तरह, झाबुआ जिले में कपिलधारा कूप निर्माण योजना के तहत भुगतान में देरी को लेकर पंचायत सचिव को निलंबित कर दिया गया। साथ ही, सीईओ और लेखाधिकारी को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।

तीन कलेक्टरों पर जताई नाराजगी
समीक्षा बैठक के दौरान, मुख्यमंत्री ने तीन जिलों के कलेक्टरों पर भी नाराजगी व्यक्त की। अशोकनगर कलेक्टर को छात्रवृत्ति के वितरण में देरी पर फटकार लगाई गई। आलीराजपुर कलेक्टर से दिव्यांगजन से जुड़े एक मामले के बारे में पूछताछ की गई। जब कलेक्टर मामले को समझाने लगे तो सीएम ने कहा, ‘ज़्यादा मत बोलो, जितना बोलोगे उतना फंसोगे।’

बालाघाट कलेक्टर को भी फटकार
बैठक के दौरान बालाघाट कलेक्टर को भी बीच में न बैठने पर फटकार लगी। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में पहले आईटी और डीआईजी बैठे थे। इस पर सीएम ने कहा, ‘बीच में कौन बैठा है? आईजी को हटाओ और बीच में आप बैठो, प्रशासनिक अधिकारी हो।’

सरकारी काम में लापरवाही अस्वीकार्य
इस कार्रवाई के बाद, सीएम मोहन यादव ने कहा, ‘समाज के प्रति हम सभी की जिम्मेदारी है। सरकारी कार्य में लापरवाही अस्वीकार्य है। देरी करने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। सभी जिलों में शिकायत निवारण की गहन समीक्षा की जा रही है और बेहतर प्रदर्शन करने वाले कर्मचारियों और अधिकारियों को पुरस्कृत भी किया जाता है।’

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