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कोरोना की वापसी भारत के लिए कितनी खतरनाक, जानें अब क्या होने वाला है

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कोरोना दिसंबर 2019 में चीन के वूहान शहर से रहस्यमय तरीके से फैला और कुछ ही महीनों में दुनिया के कई देशों को अपनी चपेट में ले लिया और मार्च 2020 में विश्व स्वस्थ्य संगठन ने इसे वैश्विक महामारी घोषित कर दिया था। लगभग 3 वर्षों के समय में कोरोना वायरस की कई लहरों ने दुनिया भर में 70 लाख से अधिक लोगों को अपनी चपेट में ले लिया और लोगों ने अपनों को खो दिया। नवंबर 2023 में कोरोना वायरस की अंतिम लहर से चीन में बड़ी विपदा के बाद से अब तक यह वायरस किसी बड़ी चिंता का विषय नहीं बना है।

कोरोना के मामले में वृद्धि क्यों?
किंतु अभी पिछले सप्ताह में चीन के निकट सिंगापुर और हांगकांग में बढे कोरोना के मामले स्वस्थ्य विशेषज्ञों के लिए बड़ी चिंता का कारण बने गए हैं। सिंगापुर, जिसकी आबादी केवल 59 लाख है, वहां 27 अप्रैल से 3 मई के बीच 14 हज़ार से अधिक कोरोना वायरस से पीड़ित लोगों के अस्पताल पहुंचने से प्रशासन चिंता में है। भारत में खबरों के मुताबिक 19 मई तक केवल 257 कोरोना वायरस के केस हैं। ज्योतिष के दृष्टिकोण से देखें तो राहु और केतु के नक्षत्र में बड़े ग्रहों के आ जाने या राहु-केतु से अधिक संख्या में ग्रहों के युति के समय वायरस से संबंधित रोग अपने पैर फैलाते हैं और लोगों को प्रभावित करते हैं।

कोरोना अब कितना बड़ा खतरा
आपको बता दें कि, 26 दिसंबर 2019 के सूर्य ग्रहण के समय बड़े ग्रह शनि और गुरु अन्य ग्रहों सूर्य, बुध और चन्द्रमा के साथ होकर धनु राशि में केतु के साथ युति कर रह थे। उस समय केतु के नक्षत्र मूल में सूर्य ग्रहण लगा था जिसके बाद से कोरोना वायरस तेज़ी से फैला और एक वैश्विक महामारी बन गया। वर्तमान में यदि हम गोचर की स्थिति देखें तो मीन राशि में शनि का गोचर 29 मार्च से शुरू हुआ था। शनि ने जल तत्व की राशि मीन में गोचर करके राहु से युति की और इसी के साथ ही अप्रैल-मई में दक्षिण पूर्व एशिया के सिंगापुर और हांगकांग, जो समुद्र के नज़दीक हैं, में कोरोना वायरस के मामले तेज़ी से बढे़। जल राशि में शनि का वायरस यानि सूक्ष्म जीव के कारक ग्रह राहु से आ मिलना कोरोना वायरस के मामले बढ़ने का कारण बना, किन्तु राहु अब मीन राशि को छोड़कर कुंभभ राशि में प्रवेश कर चुके हैं इसलिए कोरोना वायरस का बड़ा खतरा नहीं दिख रहा। कुंभ राशि में राहु के प्रवेश की वजह से अगले महीने के शुरू में ही सिंगापुर और हांगकांग में कोरोना के मामले कम हो सकते हैं। मंगल 6 जून को सिंह राशि में प्रवेश करेंगे जिससे मंगल की युति केतु से होगी जिससे कुछ शहरों में कोरोना वायरस के मामले बढ़ेंगे किंतु स्थिति नियंत्रण में रहेगी और महामारी के स्तर तक नहीं पहुँच पाएगी।

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