15.1 C
London
Tuesday, March 17, 2026
Homeराजनीतिक्‍या इंदिरा गांधी को बेटे संजय ने पार्टी में मारे थे छह...

क्‍या इंदिरा गांधी को बेटे संजय ने पार्टी में मारे थे छह थप्‍पड़? पूर्व पीएम ने दिया था इसका जवाब

Published on

नई दिल्‍ली

पूर्व पीएम इंदिरा गांधी और उनके बेटे संजय गांधी से जुड़े कई किस्‍से हैं। इनमें से कुछ किस्‍से ऐसे भी हैं जिनकी कभी पुष्टि नहीं हो सकी। ऐसा ही एक किस्‍सा इंदिरा को संजय के थप्‍पड़ मारने से जुड़ा है। बात इमरजेंसी की घोषणा से पहले की है। पुलित्‍जर पुरस्‍कार विजेता लुईस एम सिमंस तब बतौर संवाददाता दिल्‍ली में पोस्‍टेड थे। वह उन दिनों ‘द वॉशिंगटन पोस्‍ट’ के लिए काम करते थे। उनकी एक खबर ने हड़कंप मचा दिया था। खबर यह छपी थी कि संजय गांधी ने तत्‍कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी को एक डिनर पार्टी में कई थप्‍पड़ मारे थे। 1977 में बीबीसी के डेविड फ्रॉस्‍ट ने इंदिरा का इंटरव्‍यू लेते हुए इस बारे में उनसे पूछा था। इंदिरा ने इसका जवाब भी दिया था।

संजय इंदिरा के छोटे बेटे थे। बड़े भाई राजीव के उलट वह राजनीति में काफी सक्रिय थे। कहा जाता है कि एक समय इंदिरा के सभी फैसले संजय ही लेने लगे थे। किस्‍सा इमरजेंसी से पहले का है। द वाशिंगटन पोस्‍ट में एक खबर छपी थी। सिमंस ने सूत्रों के हवाले से यह खबर लिखी थी। इसमें दावा किया गया था कि संजय गांधी ने मां इंदिरा को छह थप्‍पड़ मारे थे। एक डिनर पार्टी के दौरान ऐसा हुआ था। यह खबर जंगल में आग की तरह फैल गई थी। दूसरे विदेशी मीडिया समूहों ने भी इसे खूब चलाया था। हालांकि, इस खबर के सच पर संदेह किया गया। इसकी पुष्टि भी नहीं हो सकी।

इंद‍िरा से इस घटना के बारे में पूछा गया था सवाल
1977 में बीबीसी के डेविड फ्रॉस्‍ट ने एक इंटरव्‍यू में इंदिरा से इस बारे में सवाल पूछा था। इंदिरा ने इसका जवाब भी दिया था। उन्‍होंने कहा था कि अगर उनके पिता होते तो इसे ‘फैनटैस्टिक नॉनसेंस’ बताते। उन्‍हें किसी ने थप्‍पड़ नहीं मारा। जहां तक संजय का सवाल है तो उसने आज तक किसी को थप्‍पड़ नहीं मारा है।

भारत लौटने से राजीव और सोन‍िया से मिले थे सिमंस
सिमंस जब इमरजेंसी के बाद भारत लौटे थे तो उन्‍होंने बताया था कि उनकी मुलाकात राजीव गांधी और सोनिया से डिनर पर हुई। जब किसी ने उस दौरान यह बात बताई कि वही ‘थप्‍पड़ मारने वाली स्‍टोरी’ के लेखक हैं तो राजीव मुस्‍कुरा दिए थे। वहीं, सोनिया थोड़ा गुस्‍से में आ गई थीं। इमरजेंसी के दौरान लुईस भारत छोड़कर चले गए थे।

पत्रकार ने कैसे ब्रेक की इतनी बड़ी खबर?
सिमंस ने बताया था कि उन्‍होंने दो सूत्रों के हवाले से यह खबर दी थी। ये एक-दूसरे को जानते थे। वो इस पार्टी में मौजूद थे। इनमें से एक इमरजेंसी लागू होने से एक दिन पहले उनके घर आया था। उन्‍होंने सिमंस और उनकी पत्‍नी से बातचीत में यह किस्‍सा सुनाया। दूसरे सूत्र ने इस पर मुहर लगाई। यह बात तब खुली जब संजय और इंदिरा के रिश्‍तों पर चर्चा शुरू हुई। सेंसरशिप की वजह से किसी भारतीय अखबार ने इस खबर पर कुछ नहीं लिखा था।

Latest articles

नई दिल्ली में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से की मुलाकात, शिक्षा सुधारों पर हुई चर्चा

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने रविवार को नई दिल्ली में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान...

हमीदिया अस्पताल फायरिंग: पुलिस की बड़ी लापरवाही उजागर, घायल हिस्ट्रीशीटर के साथ पहुंचे जवान भी थे निहत्थे

भोपाल हमीदिया अस्पताल की इमरजेंसी के बाहर शनिवार सुबह हुई फायरिंग की घटना में पुलिस...

मप्र में पेंशन भुगतान की नई व्यवस्था 1 अप्रैल से लागू, एसबीआई बनेगा एग्रीगेटर बैंक

भोपाल मध्यप्रदेश सरकार ने राज्य के करीब साढ़े चार लाख पेंशनभोगियों को बड़ी राहत देते...

ग्रुप-5 भर्ती परीक्षा 2026: स्वास्थ्य विभाग में 373 पदों पर भर्ती के लिए आवेदन शुरू

भोपाल मप्र कर्मचारी चयन मंडल (ईएसबी) ने स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े स्टाफ नर्स, पैरामेडिकल और...

More like this

नई दिल्ली में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से की मुलाकात, शिक्षा सुधारों पर हुई चर्चा

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने रविवार को नई दिल्ली में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान...

मुख्यमंत्री मोहन यादव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से की मुलाकात

भोपाल मप्र के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सोमवार को नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र...

भोपाल नगर निगम फर्जी बिल घोटाला: लोकायुक्त ने सर्वर की हार्ड डिस्क जब्त की, 10 साल का रिकॉर्ड जांच के दायरे में

भोपाल राजधानी भोपाल नगर निगम में बिना काम कराए फर्जी बिलों के जरिए करोड़ों रुपये...