8 C
London
Thursday, May 14, 2026
Homeराज्यएक प्रोग्राम के लिए कितना पैसा लेते हैं धीरेंद्र शास्त्री? बाबा ने...

एक प्रोग्राम के लिए कितना पैसा लेते हैं धीरेंद्र शास्त्री? बाबा ने बताया अपने कार्यक्रम का खर्च

Published on

पटना

बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री पटना आ रहे हैं। मध्य प्रदेश के बागेश्वर धाम सरकार सुर्खियों में बने रहते हैं। बिहार में बाबा बागेश्वर को लेकर सियासी बयानबाजी भी हो रही है। सत्ताधारी दल के कई नेता धीरेंद्र शास्त्री के कथा वाचन कार्यक्रम का विरोध कर रहे हैं, जबकि बीजेपी के नेता सपोर्ट में खड़े दिख रहे। ऐसे में सवाल उठता है कि बाबा बागेश्वर कथा वाचन के लिए कितना पैसा लेते हैं? आखिर उनके एक कार्यक्रम का खर्च कितना आता है?

बाबा की फीस और कथा वाचन का खर्च जानिए
करीब सालभर पहले धीरेंद्र शास्त्री ने खुले मंच से कहा था कि ‘कथाओं से संबंधित हम एक और निवेदन करेंगे कि कथाओं की तारीखें 2023 तक की फुल है। कोई भी ऐसी तारीख नहीं है कि 2023 के पहले खाली हो। कथाओं के नाम पर बहुत लोग बहकाते हैं कि बहुत महंगा है, बहुत कॉस्टली है। सच तो ये है कि हमने कभी कथा के लिए दक्षिणा नहीं मांगी है। जो व्यवस्था है, सिर्फ व्यवस्था मांगी है। पंडाल ज्यादा चाहिए होता है, बहुत लोग पागल हुए रहते हैं बागेश्वर धाम के लिए। भंडारा चाहिए रहता है। कलाकार जो आते हैं उनकी व्यवस्था, गाड़ियों की व्यवस्था, रुकने की व्यवस्था और अन्नपूर्णा भंडारा जो चल रहा है उसके लिए सहयोग। बाकी ये कभी नहीं कहा कि 50 लाख या एक करोड़ देना है। व्यवस्था में चाहे जितना खर्च हो जाए, कथा बिल्कुल भी महंगी नहीं है, ये बेफिजुली की अफवाह है। इसलिए कथाओं को वही लें, जो व्यवस्था बना पाएं। खेल बिल्कुल न समझें।’

लोगों के मन की बात पढ़ने का बाबा करते हैं दावा
बाबा बागेश्वर धीरेंद्र शास्त्री का दावा है कि वे लोगों के मन की बात पढ़ लेते हैं। कोई भक्त अपनी समस्या लेकर उनके पास आता है तो वो पहले ही उसे कागज पर लिख लेते हैं और उसका समाधान भी बता देते हैं। बागेश्वर धाम सरकार का कहना है कि ये योग-साधना का नतीजा है जो सनातन धर्म की सदियों पुरानी परंपरा है। आभासी शक्तियों के जरिए वे भक्त की समस्या जानकर उसे कागज पर लिख लेते हैं। हनुमान जी की कृपा से वो सही हो जाता है। हनुमान जी की गदा की तरह दिखने वाला ये मुगदर हमेशा बागेश्वर महाराज के साथ रहता है। बाबा का कहना है कि इसी मुगदर से उन्हें शक्तियां मिलती हैं।

बाबा बागेश्वर सरकार धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री कौन हैं?
पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के परिवार की आर्थिक स्थिति काफ खराब थी। एक समय ऐसा भी था जब उनके घर में खाने तक का अभाव रहता था। रहने के लिए एक कच्चा मकान था। खाने-पीने का भी अभाव रहता था। धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री का जन्म 4 जुलाई 1996 को मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले के गड़ागंज गांव में हुआ था। इनका पूरा परिवार उसी गड़ागंज गांव में रहता है। यहीं पर प्राचीन बागेश्वर धाम का मंदिर स्थित है। धीरेंद्र शास्त्री का पैतृक घर भी यहीं पर है, उनके दादा पंडित भगवान दास गर्ग (सेतु लाल) भी यहीं रहते थे।

Latest articles

मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना : शासन बना बेटियों का संबल, सामूहिक विवाह बना सामाजिक बदलाव का उत्सव

रायपुर। छत्तीसगढ़ में इन दिनों सामूहिक विवाह समारोह केवल दो लोगों के वैवाहिक बंधन...

असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल हुए सीएम भजनलाल शर्मा; दी बधाई

गुवाहाटी। राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने गुवाहाटी प्रवास के दौरान असम के मुख्यमंत्री...

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने मां कामाख्या के दरबार में टेका मत्था; हवन-पूजन कर प्रदेश की खुशहाली की मांगी दुआ

गुवाहाटी/जयपुर। राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने असम स्थित सुप्रसिद्ध शक्तिपीठ मां कामाख्या मंदिर...

केंद्रीय मंत्री गडकरी से मिले सीएम भगवंत मान: पंजाब को मिला 400 करोड़ का फंड, कई सड़क परियोजनाओं को हरी झंडी

नई दिल्ली/चंडीगढ़। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने अपने दिल्ली दौरे के दौरान केंद्रीय...

More like this

मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना : शासन बना बेटियों का संबल, सामूहिक विवाह बना सामाजिक बदलाव का उत्सव

रायपुर। छत्तीसगढ़ में इन दिनों सामूहिक विवाह समारोह केवल दो लोगों के वैवाहिक बंधन...

असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल हुए सीएम भजनलाल शर्मा; दी बधाई

गुवाहाटी। राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने गुवाहाटी प्रवास के दौरान असम के मुख्यमंत्री...

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने मां कामाख्या के दरबार में टेका मत्था; हवन-पूजन कर प्रदेश की खुशहाली की मांगी दुआ

गुवाहाटी/जयपुर। राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने असम स्थित सुप्रसिद्ध शक्तिपीठ मां कामाख्या मंदिर...