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पहली बार नहीं उठ रहे NTA की साख पर सवाल, NEET ही नहीं JEE-CUET में भी रहा खराब रिकॉर्ड

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नई दिल्ली,

जो वक्त छात्रों को अपना करियर संवारने की तैयारी में लगाना चाहिए वो उस समय परीक्षा में अनियमितताओं को शिकार हो रहे हैं. छात्रों और पेरेंट्स के परेशानियों का अंदाजा भी लगा पाना मुश्किल है. सवाल लगभग 24 लाख स्टूडेंट्स का है, जिनमें से बड़ी संख्या उन स्टूडेंट्स की है जो आने वाले समय में देश के बड़े हॉस्पिटल में मरीजों का इलाज करेंगे. अगर नीट पेपर लीक या गड़बड़ी की वजह से अयोग्य स्टूडेंट्स डॉक्टर बन जाते हैं तो उसका क्या-क्या और कितने बड़े पैमाने पर नुकसान होगा? पहली बार अंडरग्रेजुएट मेडिकल एंट्रेंस एग्जाम यानी NEET की परीक्षा में 67 टॉपर्स घोषित करके नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने अपनी साख पर सवाल खड़े कर लिए हैं. हालांकि यह पहली बार नहीं है.

साल 2017 में, मानव संसाधन विकास मंत्रालय (MHRD) ने उच्च शिक्षा में प्रवेश परीक्षाओं के लिए एक एकल, स्वतंत्र, स्वायत्त निकाय स्थापित करने की घोषणा की. 1 मार्च 2018 को, राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (NTA) को औपचारिक रूप से स्थापित किया गया. इस एजेंसी का उद्देश्य विभिन्न विश्वविद्यालयों और संस्थानों में स्नातक और स्नातकोत्तर कार्यक्रमों में प्रवेश के लिए राष्ट्रीय स्तर की पात्रता परीक्षाएं (NEET, JEE Main, JEE Advanced आदि) आयोजित करना है. साथ ही परीक्षा प्रक्रिया को पारदर्शी, कुशल और निष्पक्ष बनाना भी है.

NTA ने JEE Main, JEE Advanced, NEET, NET, JNUEE, CMAT आदि सहित कई महत्वपूर्ण प्रवेश परीक्षाओं को सफलतापूर्वक आयोजित किया है. एजेंसी ने ऑनलाइन आवेदन, परीक्षा आयोजन और परिणाम घोषणा प्रक्रिया में सुधार के लिए कई पहल की हैं. NTA ने विभिन्न क्षेत्रों में विशेषज्ञता वाले विशेषज्ञों की एक टीम बनाई है. लेकिन इस बात को भी झुठलाया नहीं जा सकता कि परीक्षाओं में अनियमितताओं को लेकर एनटीए पर कई बार सवाल उठ चुके हैं.

पिछले कुछ वर्षों में, एनटीए (राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी) द्वारा आयोजित विभिन्न परीक्षाओं में अनियमितताओं और गड़बड़ियों की कई रिपोर्टें सामने आई हैं. इनमें से कुछ प्रमुख घटनाएं इस तरह हैं-

JEE Mains 2019
जॉइंट एंट्रेंस एंट्रेंस एग्जाम (JEE Mains) परीक्षा के दौरान सर्वर में खराबी के कारण कई छात्रों को परीक्षा देने में परेशानी हुई थी. इसके अलावा कुछ केंद्रों पर प्रश्न पत्र और उत्तर पुस्तिकाओं के वितरण में देरी हुई.

NEET UG 2020
COVID-19 महामारी के कारण अंडरग्रेजुएट मेडिकल एंट्रेंस एग्जाम यानी नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट (NEET UG) कई बार स्थगित हुआ था. कुछ छात्रों ने आरोप लगाया कि उन्हें परीक्षा केंद्रों तक पहुंचने में कठिनाई हुई. इसके अलावा 2020 की एक घटना भी शामिल है, जिसमें असम के एक जेईई अभ्यर्थी ने कथित तौर पर अपनी परीक्षा लिखने के लिए एक अन्य अभ्यर्थी को भेजा था, अगले महीने पुलिस ने उस अभ्यर्थी को गिरफ्तार कर लिया, जिसने राज्य में सबसे अधिक अंक हासिल किए थे, और उसके पिता और टेस्टिंग फेकल्टी के कर्मचारी को भी गिरफ्तार किया था.

NEET 2020
इसी साल मध्य प्रदेश में एक NEET छात्रा ने परीक्षा में 6 अंक प्राप्त करने के बाद आत्महत्या कर ली थी. उसके माता-पिता ने बाद में उसकी ऑप्टिकल मार्क रिकग्निशन शीट या OMR शीट की जांच कराई. जब छात्रा के माता-पिता ने उसकी OMR शीट की तुलना उत्तर कुंजी से की, तो उन्होंने पाया कि छात्र को वास्तव में 590 अंक दिए जाने चाहिए थे.

NEET 2021
फिर से जेईई मेन्स एग्जाम में कुछ छात्रों को गलत प्रश्न पत्र दिए गए थे. कई केंद्रों पर परीक्षा में अनुचित साधनों के उपयोग की शिकायतें भी मिलीं. इसके साथ ही नीट यूजी 2021 में भी पूछे गए फिजिक्स के एक प्रश्न को लेकर भी विवाद हुआ था. जिसे लेकर छात्रों के प्रतिनिधियों ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था. इस प्रश्न में हिंदी और अंग्रेजी अनुवाद में अंतर था.

NEET 2021
इस साल भी नीट पेपर लीक का मामला सामने आया था. राजस्थान के भांकरोटा के परीक्षा केंद्र से सॉल्वर गैंग ने सेंटर के स्टाफ से सांठगांठ करके परीक्षा के दौरान ही मोबाइल के कैमरे से पेपर का फोटो खींचकर सीकर भेजा. फिर सीकर पेपर सॉल्व कराकर आंसर-की वापस भेजे और छात्रा को नकल कराने की कोशिश की. तब पुलिस घेराबंदी करके पुलिस की टीनों ने एक साथ 4 जगह छापा मारा और एक छात्रा समेत 8 लोगों को गिरफ्तार किया था. इसी तरह अजमेर पुलिस ने भी 6 नीट एस्पिरेंट्स को गिरफ्तार किया था. जहां पेपर सॉल्व कराने के लिए 25-25 लाख रुपये के लेन-देन की बात सामने आई थी.

CUET 2022
विभिन्न केंद्रीय, राज्य, निजी और डीम्ड विश्वविद्यालयों में प्रवेश के लिए आयोजित कॉमन यूनिवर्सिटी एंट्रेंस टेस्ट में भी गड़बड़ियां देखने को मिली हैं. मीडिया रिपोर्ट्स में बताया गया कि कानपुर के एक केंद्र पर हिंदी माध्यम के छात्रों को अंग्रेजी के प्रश्नपत्र बांट दिए गए थे. राजस्थान के सवाई माधोपुर के एक केंद्र पर भी यही समस्या आई. दोनों ही मामलों में एजेंसी को प्रभावित छात्रों के लिए दोबारा परीक्षा आयोजित करनी पड़ी. 17 जुलाई 2022 को आयोजित हुई नीट की परीक्षा में भी कई सेंटर पर गड़बड़ी हुई थी. इस दौरान दूसरे माध्यम के प्रश्न पत्र स्टूडेंट्स को दे दिए गए थे. इस गड़बड़ी के चलते स्टूडेंट्स को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा.

NEET 2024
इस साल भी, कुछ राज्यों में NEET देने वाले उम्मीदवारों ने यह भी शिकायत की कि उन्हें गलत माध्यम भाषा के प्रश्नपत्र दिए गए थे. बाद में एनटीए लॉस ऑफ टाइम के कंपनसेशन में छात्रों को मनमाने तरीके से ग्रेस मार्क्स दिए, जिसकी वजह से इतिहास में पहली बार 67 नीट छात्रों के 720 में से 720 अंक मिले. इसी वजह से नीट में गड़बड़ी का मामला सामने आया है. अब बिहार के पटना और नालंदा व गुजरात के गोधरा में नीट पेपर लीक के संकेत मिली हैं.

बिहार में पकड़े गए पेपर लीक आरोपियों ने SIT के सामने अपने इकबालिया बयानों में कहा कि उम्मीदवारों ने नीट पेपर लीक के बदले में 30 लाख रुपये से अधिक की भारी कीमत दी थी. शनिवार को, EOU एजेंसी ने नौ उम्मीदवारों को नोटिस जारी कर उन्हें ‘सॉल्वर गैंग’ से उनके जुड़ाव के बारे में पूछताछ के लिए सबूतों के साथ पटना कार्यालय में आने को कहा. सभी उम्मीदवार बिहार के अलग-अलग जिलों से हैं और उन्हें सोमवार और मंगलवार को आने को कहा गया है. नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने अभी तक ताजा घटनाक्रम पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है.

एनटीए को अपनी परीक्षाओं में अनियमितताओं और गड़बड़ियों को रोकने के लिए और अधिक सख्त कदम उठाने होंगे. छात्रों को यह विश्वास दिलाना महत्वपूर्ण है कि परीक्षाएं निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से आयोजित की जा रही हैं.

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