23.1 C
London
Thursday, May 21, 2026
Home54 लाख नए खाते खुले, 44 लाख बंद... क्‍या दरकने लगी है...

54 लाख नए खाते खुले, 44 लाख बंद… क्‍या दरकने लगी है सबसे मजबूत दीवार? एक्‍सपर्ट ने कह दी टेंशन वाली बात

Published on

नई दिल्‍ली

बाजार की मौजूदा स्थिति से लोग टेंशन में हैं। गिरावट का दौर खिंचता जा रहा है। आंसिद कैपिटल के मैनेजिंग पार्टनर अनुराग सिंह ने बाजार की मौजूदा स्थिति पर अपनी चिंता जाहिर की है। उन्होंने कहा कि भारत में जो भी बाजार में आना चाहता था, वो पहले ही आ चुका है। नए निवेशकों को ढूंढना मुश्किल है। दिसंबर में 54 लाख नए SIP खाते खुले। वहीं, 44 लाख बंद भी हो गए। निवेशक अनिश्चित दिख रहे हैं। वे अपना पैसा एक फंड से दूसरे फंड में घुमा रहे हैं। पिछले कुछ सालों के प्रदर्शन पर फोकस किया जा रहा है। यह आत्मविश्वास की कमी दर्शाता है। वे सिर्फ पिछले रिटर्न का पीछा कर रहे हैं।

ये 3 पॉइंट समझने जरूरी
अनुराग सिंह ने तीन बड़े पॉइंट्स पर जोर दिया। पहला, वह उन विशेषज्ञों और बाजार के जानकारों पर संदेह करते हैं जो कहते हैं कि 20 साल तक बने रहें, आपको लाभ की गारंटी है। दूसरे ही वाक्‍य में वे यह भी कह देते हैं कि पिछला प्रदर्शन भविष्‍य की गारंटी नहीं है। सिंह का मानना है कि कोई भी यहां कुछ भी गारंटी नहीं दे सकता। भले ही कहा जाए कि 20 साल में यह हमेशा काम करता रहा है, यह सच नहीं है।

दूसरा, भारत में SIP का विश्लेषण अक्सर पिछली घटनाओं के आधार पर किया जाता है। यह भविष्य के प्रदर्शन की गारंटी नहीं देता है। बाजार में 7, 8, 10 साल के लंबे मंदी के दौर थे, बाजार बहुत सस्ते थे। कहा जाता है कि अगर आप उस स्तर पर पैसा लगाते तो जाहिर है कि आज आप बहुत अमीर होते। मुद्दा यह है कि क्या उस समय ऐसे निवेशक नहीं थे जो जानते थे कि बाजार पैसा बढ़ा सकता है? शायद थे। लेकिन, उस समय इसे स्वीकार करना बहुत मुश्किल था।

अंतिम पॉइंट दुनिया भर में आप अमेरिका का उदाहरण लेकर कुछ भी सही ठहरा सकते हैं। अर्थव्यवस्था 60 वर्षों से बहुत अच्छा काम कर रही है। बाजार धूम मचा रहा है। अनुराग सिंह ने कहा कि अभी के लिए अमेरिका को छोड़ दें। कोई और बाजार बताएं जहां यह काम करता हो। यह भारत के अलावा कहीं काम नहीं करता। यहां तक कि वहां भी विशेषज्ञ बेईमान हो रहे हैं। कारण है कि वे 2002 से 2008 की घटनाओं को गिनते हैं। जिस क्षण आप उस चरण को हटा देते हैं, भारत में भी SIP का मामला बहुत कमजोर है। ये सीमित पॉइंट हैं। लेकिन, इस घटना के बारे में बहुत सतर्क रहने की जरूरत है कि यह लंबी अवधि में काम करती है।

क्‍या दरकने लगी है दीवार?
अनुराग सिंह के मुताबिक, दिसंबर में 5.4 मिलियन नए SIP खाते खोले गए, लेकिन 4.4 मिलियन खाते बंद भी कर दिए गए। यह दिखाता है कि निवेशकों को भी यकीन नहीं है। वे पिछले दो साल, तीन साल और यहां तक कि पिछले एक साल को देखते हुए इस फंड से उस फंड में पैसा लगा रहे हैं।

दरअसल, विदेशी संस्‍थागत निवेशकों (एफआईआई) की भारी बिकवाली के बीच घरेलू निवेशकों की लिवाली से बाजार की गिरावट पर कुछ हद तक अंकुश लगा है। बीते कुछ सालों में सिप के जरिये बाजार में घरेलू निवेशकों का पैसा लगा है। इसने बाजार को स्थिरता दी है। लेकिन, बाजार की लगातार गिरावट के बीच अब यही भरोसा डगमगाता दिख रहा है।

Latest articles

इबोला वायरस को लेकर एक जरूरी स्वास्थ्य एडवाइजरी जारी- बुखार आने पर जांच, 21 दिन तक निगरानी

नई दिल्ली। भारत सरकार के स्वास्थ्य सेवा महानिदेशालय (DGHS) ने इबोला वायरस को लेकर...

भट्टी की तरह तप रहा मध्य प्रदेश: खजुराहो में रिकॉर्ड 47.4 डिग्री तापमान दर्ज, सात जिलों में रेड अलर्ट जारी

भोपाल। मध्य प्रदेश इस समय भीषण गर्मी की गिरफ्त में है। प्रदेश के कई...

सियान गुड़ी’ बुजुर्गों के जीवन में एक नई रोशनी बिखेर रही : सीएम विष्णु देव साय

रायपुर। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में जशपुर जिले में वरिष्ठ...

निवाई के विकास और जनसमस्याओं को लेकर सीएम भजनलाल शर्मा से मिले विधायक रामसहाय वर्मा

जयपुर। निवाई विधानसभा क्षेत्र से विधायक रामसहाय वर्मा ने बुधवार को मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा...

More like this

भेल में अत्याधुनिक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग प्रणालियों का उद्घाटन— ईडी ने किया शुभारंभ

भोपाल। भारत हैवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड (भेल) भोपाल के कार्यपालक निदेशक (ईडी) पीके उपाध्याय ने...

कॉर्पोरेट इंस्टीट्यूट ऑफ फार्मेसी में DBT प्रायोजित व्याख्यान श्रृंखला संपन्न: जैव प्रौद्योगिकी के भविष्य पर हुई चर्चा

भोपाल। भारत सरकार के बायोटेक्नोलॉजी विभाग (DBT) के सहयोग से भोपाल के कॉर्पोरेट इंस्टीट्यूट ऑफ...