3.3 C
London
Wednesday, January 14, 2026
HomeUncategorizedबाजार में गिरावट के बीच EPFO ले सकता है बड़ा फैसला, 6.5...

बाजार में गिरावट के बीच EPFO ले सकता है बड़ा फैसला, 6.5 करोड़ सब्सक्राइबर्स को होगा फायदा

Published on

नई दिल्ली

EPFO के 6.5 करोड़ सब्सक्राइबर्स को गुड न्यूज मिल सकती है। सरकार उनके EPF अकाउंट में जमा राशि पर ब्याज को लेकर एक नया प्लान बना रही है। सरकार चाहती है कि ईपीएफओ के सब्सक्राइबर्स को हर साल एक जैसा ब्याज मिले। यानी सरकार इसे ईपीएफओ को इनवेस्टमेंट से होने वाली कमाई से अलग रखना चाहती है। इसके लिए सरकार एक नया फंड बनाने की तैयारी में है इंटरेस्ट स्टेबिलाइजेशन रिजर्व फंड कहा जाएगा। इस फंड में हर साल ब्याज से जो अतिरिक्त पैसा बचेगा, उसे जमा किया जाएगा। मान लीजिए किसी साल बाजार गिर गया और EPF को कम मुनाफा हुआ। तब इस फंड से पैसा निकालकर ईपीएफओ मेंबर्स का ब्याज पूरा किया जाएगा। इससे उन्हें हमेशा एक निश्चित ब्याज मिलता रहेगा।

सूत्रों ने बताया कि अभी इस प्लान पर काम चल रहा है। श्रम और रोजगार मंत्रालय ने इसके लिए एक स्टडी शुरू की है। ये स्टडी बताएगी कि ये फंड कैसे काम करेगा और इसमें कितना पैसा रखा जाएगा। एक अधिकारी ने कहा, ‘EPFO अपने सब्सक्राइबर्स को बाजार के उतार-चढ़ाव से बचाना चाहता है। शेयर बाजार में निवेश पर नफा-नुकसान होता रहता है। इस फंड से EPFO सब्सक्राइबर्स को हमेशा एक जैसा ब्याज मिलेगा।’

कब मिला सबसे ज्यादा ब्याज
दूसरे अधिकारी ने बताया कि हर साल ब्याज से जो अतिरिक्त पैसा बचेगा, उसे इस फंड में रखा जाएगा। अगर शेयर बाजार में कोई गिरावट आती है, तो इस फंड का पैसा इस्तेमाल करके ब्याज दर को स्थिर रखा जा सकेगा। इससे ब्याज दर में अचानक बहुत ज्यादा कमी या बढ़ोतरी नहीं होगी। अभी यह योजना शुरुआती चरण में है। इस साल के अंत तक इस पर और काम होगा। EPFO में फैसला लेने वाली सबसे बड़ी संस्था सीबीटी इसे मंजूरी देगी, उसके बाद ही यह लागू होगा। श्रम और रोजगार मंत्री ही EPFO के चेयरमैन होते हैं। अगर सब कुछ ठीक रहा, तो यह योजना 2026-27 से शुरू हो सकती है।

1952-53 में ईपीएफओ की ब्याज दर 3% थी। धीरे-धीरे बढ़ते हुए 1989-90 में यह 12% तक पहुंच गई। यह अब तक की सबसे ज्यादा ब्याज दर थी। साल 2000-01 तक यही ब्याज दर रही। उसके बाद 2001-02 में यह घटकर 9.5% हो गई। साल 2005-06 में यह और गिरकर 8.5% पर आ गई। फिर 2010-11 में ब्याज दर को बढ़ाकर 9.50% किया गया। लेकिन 2011-12 में इसे फिर से घटाकर 8.25% कर दिया गया। 2021-22 में यह सबसे कम 8.10% तक पहुंच गई थी। अब सरकार इस नए फंड के जरिए ब्याज दरों में इस तरह के उतार-चढ़ाव से बचना चाहती है।

Latest articles

श्री चैतन्य टेक्नो स्कूल, कोलार रोड में मकर संक्रांति, पोंगल व लोहड़ी धूमधाम से मनाई गई

भोपाल |श्री चैतन्य टेक्नो स्कूल, कोलार रोड ब्रांच में मकर संक्रांति, पोंगल एवं लोहड़ी...

मकर संक्रांति पर दादाजी धाम में होंगे धार्मिक व जनसेवा कार्यक्रम

भोपाल ।रायसेन रोड स्थित जागृत एवं दर्शनीय तीर्थ स्थल दादाजी धाम मंदिर, पटेल नगर,...

भोपाल में शुरू हुई जल सुनवाई, सभी 85 वार्डों में सुनी गईं शिकायतें

भोपाल ।भोपाल में मंगलवार को पहली बार शहर के सभी 85 वार्डों में ‘जल...

सीआरपीएफ हेड कॉन्स्टेबल की मौत पर परिजनों को 1.45 करोड़ का मुआवजा

भोपाल ।भोपाल में सीआरपीएफ के हेड कॉन्स्टेबल शिवप्रसाद भिलाला की सड़क दुर्घटना में हुई...

More like this

बिजली उपभोक्ताओं को बड़ी राहत31 मार्च तक सरचार्ज में 100 प्रतिशत तक छूट

भोपाल।मध्य प्रदेश मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी ने बिजली उपभोक्ताओं को बड़ी राहत देते...

भेल नगर सलाहकार समिति की बैठक में टाउनशिप की समस्याए उठी

भेल भोपाल ।नर्मदा गेस्ट हाउस, बरखेड़ा स्थित देवी अहिल्या बाई सभागृह में नगर सलाहकार...

अभ्युदय मप्र क्विज के पहले दिन 10 हजार प्रतिभागी हुए शामिल

भोपाल।भय नहीं, भ्रम नहीं पूरा विश्वास, विरासत के साथ विकास के मूलमंत्र पर आयोजित...