4.7 C
London
Monday, January 26, 2026
Homeराष्ट्रीयकलकत्ता हाई कोर्ट के फैसले पर सुप्रीम मुहर, पश्चिम बंगाल में 25753...

कलकत्ता हाई कोर्ट के फैसले पर सुप्रीम मुहर, पश्चिम बंगाल में 25753 टीचरों की नियुक्ति रद्द

Published on

नई दिल्ली

पश्चिम बंगाल की ममता बनर्जी सरकार को शिक्षक भर्ती मामले में सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका लगा है। सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को पश्चिम बंगाल के राज्य संचालित और राज्य सहायता प्राप्त स्कूलों में नियुक्त किए गए 25,753 शिक्षकों और अन्य कर्मचारियों की नियुक्ति को रद्द कर दिया। अदालत ने चयन प्रक्रिया को “दूषित और पक्षपातपूर्ण” करार दिया।

मानवीय आधार पर दिव्यांग को दी राहत
सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस संजीव खन्ना की अगुवाई वाली बेंच ने 22 अप्रैल 2024 के कलकत्ता हाई कोर्ट के फैसले को बरकरार रखते हुए इन नियुक्तियों को अमान्य घोषित किया। गुरुवार को चीफ जस्टिस ने कहा कि जिन कर्मचारियों की नियुक्तियां रद्द कर दी गई हैं, उन्हें अपने वेतन और अन्य भत्तों को लौटाने की आवश्यकता नहीं होगी। सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में राज्य सरकार को एक नई चयन प्रक्रिया शुरू करने और इसे तीन महीने के भीतर पूरा करने का आदेश दिया। हालांकि, अदालत ने दिव्यांग कर्मचारियों के लिए मानवीय आधार पर राहत प्रदान की और उन्हें अपने पदों पर बने रहने की अनुमति दी है।

सीबीआई जांच पर फैसला सुरक्षित
इसके अलावा, सुप्रीम कोर्ट ने पश्चिम बंगाल सरकार की उस याचिका पर सुनवाई के लिए 4 अप्रैल की तारीख तय की है, जिसमें हाई कोर्ट द्वारा इस मामले की सीबीआई जांच के आदेश को चुनौती दी गई है। गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट ने 10 फरवरी को इस मामले में दायर याचिकाओं पर अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था।कलकत्ता हाईकोर्ट के 22 अप्रैल 2024 के फैसले को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर अपना निर्णय सुरक्षित रख लिया था और अब फैसला दिया है।

शिक्षक भर्ती घोटाले में 124 याचिकाएं थी दायर
हाई कोर्ट ने अपने इस फैसले में पश्चिम बंगाल सरकार द्वारा संचालित और सहायता प्राप्त स्कूलों में 25,753 शिक्षकों और अन्य कर्मचारियों की नियुक्तियों को अवैध करार दिया गया था। इस मामले में 124 याचिकाएं दाखिल की गई थीं, जिनमें एक पश्चिम बंगाल सरकार द्वारा भी दायर की गई थी। कलकत्ता हाईकोर्ट ने ओएमआर शीट में छेड़छाड़ और मेरिट लिस्ट में हेराफेरी (रैंक-जंपिंग) जैसी अनियमितताओं के आधार पर 25,753 शिक्षकों और गैर-शिक्षकीय कर्मचारियों की नियुक्तियों को रद्द कर दिया था।हाईकोर्ट के आदेश के बाद, 7 मई 2023 को सुप्रीम कोर्ट ने नियुक्तियों को रद्द करने के आदेश पर रोक लगा दी थी, लेकिन मामले की CBI जांच जारी रखने की अनुमति दी थी। यह मामला 2016 में पश्चिम बंगाल स्कूल सर्विस कमीशन (SSC) द्वारा की गई भर्ती प्रक्रिया में अनियमितताओं से जुड़ा है।

Latest articles

इंदौर कमिश्नर सहित 21 पुलिस अधिकारी-कर्मचारियों को मिलेगा राष्ट्रपति पदक

भोपाल।मध्यप्रदेश पुलिस के लिए गर्व का क्षण है। गणतंत्र दिवस के अवसर पर प्रदेश...

रिटायर्ड बैंक अफसर से लाखों की साइबर ठगी

भोपाल।राजधानी में साइबर ठगों ने एक रिटायर्ड बैंक अधिकारी को अपने जाल में फंसाकर...

बीएचईएल टीआरएम डिवीजन के कर्मचारी अनिल दुबे सेवानिवृत्त, विधायक विश्वास सारंग ने दी शुभकामनाएं

भोपाल ।बीएचईएल टीआरएम डिवीजन में कार्यरत अनिल दुबे  की सेवाएं पूर्ण कर सेवानिवृत्त होने...

बीएचईएल परिवार का हर व्यक्ति हमारी विकास यात्रा का भागीदार है – रंजन कुमार—गणतंत्र दिवस के उपलक्ष्य में बीएचईएल हरिद्वार में सम्मान समारोह आयोजित

भेल हरिद्वार ।बीएचईएल हरिद्वार में गणतंत्र दिवस–2026 के उपलक्ष्य में आयोजित विभिन्न कार्यक्रमों की...

More like this

बीईएल को 610 करोड़ के अतिरिक्त ऑर्डर प्राप्त

नई दिल्ली।नवरत्न रक्षा सार्वजनिक क्षेत्र उपक्रम भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (बीईएल) को ₹610 करोड़ मूल्य...

सबरीमाला केस में ईडी की बड़ी कार्रवाई, 24 ठिकानों पर तलाशी

नई दिल्ली।प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने सबरीमाला मंदिर से सोना चोरी मामले में धन शोधन...

आगामी बजट में विवाहित जोड़ों को मिल सकती है बड़ी राहत

नई दिल्ली।केंद्र सरकार आगामी आम बजट में विवाहित जोड़ों के लिए वैकल्पिक संयुक्त कर...