9.6 C
London
Sunday, December 14, 2025
Homeअंतरराष्ट्रीयभारत को महान हिंदू सभ्यता को फिर से स्थापित करने की जरूरत......

भारत को महान हिंदू सभ्यता को फिर से स्थापित करने की जरूरत… पुतिन के गुरु ने ऐसा क्यों कहा

Published on

मॉस्को

रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के राजनीतिक गुरु अलेक्जेंडर दुगिन ने भारत को फिर से अपनी महान हिंदू सभ्यता को फिर से स्थापित करने को कहा है। उन्होंने रूस की सरकारी मीडिया रशिया टीवी (आरटी) से बात करते हुए कहा कि भारत को अपनी महान हिंदू सभ्यता को पुनर्स्थापित करने की आवश्यकता है। रूसी राजनीतिक वैज्ञानिक और दार्शनिक दुगिन ने कहा कि वैदिक सभ्यता की अवधारणा समावेशी है और इसकी पुनर्स्थापना से बहुध्रुवीय विश्व की स्थापना में मदद मिलेगी। रूस भी लगातार अमेरिका के विरोध में बहुध्रुवीय व्यवस्था का समर्थन करता रहा है। इससे अमेरिकी प्रभुत्व को झटका लगने की आशंका है।

अखंड भारत भी बोल चुके हैं दुगिन
इसी साल अप्रैल में दुगिन ने कहा था कि भारत हमारी आंखों के सामने एक नए वैश्विक केंद्र के रूप में उभर रहा है। उन्होंने अपने लेख में भारत की अर्थव्यवस्था की तेज रफ्तार को लेकर भी खुशी जताई थी। दुगिन ने लिखा था कि आज पूरी दुनिया में भारतीय मूल लोग बड़ी भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने भारत के आर्थिक विकास, वैश्विक प्रभाव, राजनीतिक बदलाव, सांस्कृतिक और वैचारिक परिवर्तन, उपनिवेशीकरण और संप्रभुता, भू-राजनीतिक रणनीति जैसे उदाहरण देकर भारत के बढ़ते महत्व को समझाया था।

कौन हैं अलेक्जेंडर दुगिन
अलेक्जेंडर दुगिन का पूरा नाम अलेक्सांद्र गेलीविच दुगिन है। रूस में उन्हें एक राजनीतिक दार्शनिक, विश्लेषक और रणनीतिकार के रूप में जाना जाता है। पश्चिमी देशों का आरोप है कि दुगिन फासीवादी विचारधारा के कट्टर समर्थक हैं। पश्चिमी देशों में अलेक्जेंडर दुगिन को रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के दार्शनिक के रूप में माना जाता है। अलेक्जेंडर दुगिन ने ही यूक्रेन को विशुद्ध रूप से रूसी केंद्रीकृत राज्य का प्रशासनिक क्षेत्र कहकर संबोधित किया था। उन्होंने यूक्रेन को नोवोरोसिया (नया रूस) का नाम भी दिया है।

दुगिन के पिता थे रूसी सैन्य अधिकारी
अलेक्जेंडर दुगिन का जन्म मॉस्को में सोवियत सैन्य खुफिया में एक कर्नल-जनरल गेली अलेक्जेंड्रोविच दुगिन के घर हुआ था। उनकी मां गैलिना एक डॉक्टर थीं। जब वह तीन साल के थे, तब उनके पिता ने परिवार छोड़ दिया, लेकिन यह सुनिश्चित किया कि उनका जीवन स्तर अच्छा हो। उन्होंने कई मौकों पर अपनी पहुंच का इस्तेमाल कर परेशानी से बाहर निकलने में अलेक्जेंडर दुगिन की मदद भी की थी।

Latest articles

पीएसयू की विरासत से निकले पावर ग्रिड के नए सीएमडी

भोपाल/हैदराबाद।पावर ग्रिड कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया के नवनियुक्त अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक (सीएमडी)  बुर्रा वामसी...

मैनिट चौराहे का होगा सौंदर्यीकरण, बाउंड्रीवाल भी बनेगी— निगम परिषद अध्यक्ष ने किया भूमिपूजन

भोपाल।शहर के मैनिट चौराहे का जल्द ही सौंदर्यीकरण होगा। यहां एक बाउंड्रीवाल भी बनाई...

मंत्री व महापौर ने किया नेत्र ज्योति यज्ञ का शुभारंभ

भोपाल।पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री कृष्णा गौर व महापौर मालती राय ने रविवार...

जंतर-मंतर पर ईपीएस-95 पेंशनभोगियों का बड़ा प्रदर्शन, न्यूनतम पेंशन 7,500 रुपये करने की मांग तेज

नई दिल्ली।निवृत्त मान कर्मचारी 1995 पेंशन समन्वय समिति के बैनर तले आज राजधानी दिल्ली...

More like this

राष्ट्रपति भवन में पुतिन का भव्य स्वागत

नई दिल्ली।पुतिन का भारत दौरा आज दूसरे दिन भी जारी है। राष्ट्रपति भवन में...

हांगकांग में 35 मंजिलों वाली 8 इमारतें जलकर खाक, 44 लोगों की मौत

हांगकांग।हांगकांग के ताइ पो जिले में एक बड़े रिहायशी कॉम्प्लेक्स में भीषण आग लग...

ऑस्ट्रेलिया में सड़क हादसा, भारतीय महिला की मौत

मेलबर्न।ऑस्ट्रेलिया में तेज रफ्तार वाहन ने पैदल जा रही भारतीय महिला को टक्कर मार...