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Tuesday, April 21, 2026
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US वीजा और H-1B प्रोग्राम में हुए बड़े बदलाव, 2025 में अमेरिका जा रहे भारतीयों को किन बातों का रखना होगा ख्याल?

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अमेरिका में पढ़ने या नौकरी करने के लिए जा रहे लोगों को नए वीजा नियमों के बारे में मालूम होना चाहिए। 1 जनवरी 2025 से भारत में मौजूद अमेरिका दूतावास में वीजा अप्वाइंटमेंट के लिए लंबे इंतजार को कम करने के लिए काफी बदलाव किए जाएंगे। वहीं, अमेरिका के ‘डिपार्टमेंट ऑफ होमलैंड सिक्योरिटी’ (DHS) भी H-1B वीजा प्रोग्राम में बड़ा बदलाव करने जा रहा है। इन बदलावों से भारतीय टेक प्रोफेशनल्स के लिए वीजा प्रक्रिया आसान और तेज हो जाएगा।
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वीजा अप्वाइंटमेंट के नए नियमों की बात करें, तो अब एक बार बिना कोई अतिरिक्त फीस भरे अप्वाइंटमेंट रीशेड्यूल किया जा सकता है। लेकिन दूसरी बार रीशेड्यूल या फिर अप्वाइंटमेंट मिस करने पर आपको नए अप्वाइंटमेंट की जरूरत पड़ेगी। इसके लिए आपको फिर से 185 डॉलर (लगभग 15,730 रुपये) की नॉन-रिफंडेबल फीस देनी होगी। अमेरिकी दूतावास ने कहा है कि लोग समय पर अप्वाइंटमेंट के दिन पहुंचे, ताकि वीजा प्रक्रिया सुचारू रूप से चलती रहे और किसी को परेशानी भी ना हो।

H-1B वीजा नियमों में हुआ बदलाव
अमेरिका के H-1B वीजा का दुरुपयोग हो रहा था, जिसे रोकने के लिए सरकार ने कुछ बदलाव किए हैं, ताकि सिर्फ स्किल प्रोफेशनल्स को वर्क परमिट मिल पाए। 17 जनवरी 2025 से H-1B वीजा के लिए अप्लाई करने वाले आवेदकों को साबित करना होगा कि उनकी अकेडमिक क्वालिफिकेशन उस नौकरी से सीधे तौर पर जुड़ी है, जिसके लिए वे अप्लाई कर रहे हैं। नए नियमों की वजह से उन लोगों के लिए H-1B वीजा हासिल करना मुश्किल हो जाएगा, जिनके पास कोई स्पेशलाइजेशन नहीं है।

आसान भाषा में कहें तो आईटी सेक्टर की जॉब के लिए कंप्यूटर साइंस या इंजीनियरिंग की डिग्री होगी, तभी H-1B वीजा मिलेगा। साथ ही अब H-1B वीजा एक्सटेंशन की प्रक्रिया भी अब और आसान हो जाएगी। इमिग्रेशन अधिकारी पहले की मंजूरियों के आधार पर एक्सटेंशन रिक्वेस्ट को प्रोसेस कर सकेंगे। इस तरह कागजी कार्रवाई कम होगी और फैसले जल्दी आएंगे। वहीं, अब कंपनियां H-1B प्रोग्राम की शर्तों का पालन कर रही हैं या नहीं, इसकी भी सख्ती के साथ जांच की जाएगी।

इंटरव्यू वेवर प्रोग्राम का हुआ विस्तार
इंटरव्यू वेवर प्रोग्राम का विस्तार कर दिया गया है। इस तरह जिन लोगों ने पहले अमेरिकी वीजा के लिए अप्लाई किया है, उन्हें अब इंटरव्यू देने की जरूरत नहीं होगी। इससे वेटिंग टाइम में कमी देखने को मिलेगी। नए आवेदनों को प्रोसेस करने के लिए पुराने रिकॉर्ड का इस्तेमाल किया जाएगा। नए नियमों की वजह से उन लोगों को सबसे ज्यादा फायदा मिलने वाला है, जो अक्सर अमेरिका की यात्रा करते हैं या उनकी वीजा हिस्ट्री अच्छी है। इन लोगों का आसानी से वीजा रिन्यू हो जाएगा।

H-1B वीजा प्रोग्राम में ये बदलाव दिखाते हैं कि अमेरिकी सरकार टेक इंडस्ट्री समेत प्रमुख उद्योगों की जरूरतों को पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है। भारत सिलिकन वैली और अन्य अमेरिकी टेक हब के लिए स्किल वर्कर्स का एक प्रमुख स्रोत है। इसलिए, ये बदलाव बैकलॉग को कम करने और IT जैसे हाई-डिमांड सेक्टर की जरूरतों को पूरा करने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम माने जा रहे हैं।

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