चंडीगढ़
जालंधर के नकोदर में पत्नी-बच्चों और सास-ससुर को जिंदा जलाने वाले नशेड़ी युवक ने खुद भी फंदा लगाकर जान दे दी। जघन्य अपराध के बाद पुलिस आरोपी कुलदीप उर्फ काली को तलाश रही थी। वह परिवार को जलाने के बाद खेतों में लगी मोटर पर छिपा हुआ था। वहीं पर उसने पेड़ से फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। बुधवार सुबह पुलिस को सूचना मिली कि खेतों में मोटर के पास किसी ने फंदा लगाया है। जब पुलिस मौके पर पहुंची और स्थानीय लोगों से शख्स के बारे में जानकारी हासिल की तो पता चला कि वह वही काली है, जिसने पेट्रोल छिड़क आग लगाकर परिवार को मार डाला था।
काली का 2 और लोगों ने दिया था साथ
एसपी (डी) सरबजीत सिंह बाहिया ने बताया कि सुबह उन्हें जानकारी मिली थी कि काली ने आत्महत्या कर ली है। पुलिस ने शव को कब्जे में ले लिया है। ससुराल में पत्नी-बच्चों और सास-ससुर को जिंदा जलाकर मारने में काली का दो लोगों ने साथ दिया था। इनमें से एक को पुलिस ने हिरासत में ले लिया है और दूसरे की तलाश जारी है।
चिट्टे का आदी था आरोपी
कुलदीप उर्फ काली और उसकी पत्नी परमजीत कौर दोनों की दूसरी शादी थी। काली का पहली पत्नी से एक 13 साल का बेटा है, जबकि परमजीत कौर के दो बच्चे थे। दोनों ने एक साल पहले शादी की थी। काली ड्राइवर था और चिट्टे का नशा करता था। परमजीत कौर को जब पता चला कि काली चिट्टे का आदी है तो उसने उसे बहुत समझाने की कोशिश की लेकिन वह फिर भी नहीं सुधरा। इसके बाद परमजीत और काली दोनों में अनबन रहनी शुरू हो गई। परमजीत कौर अपने बच्चों को लेकर मायके वापस आ गई। इससे काली तिलमिला उठा। उसने कई बार परमजीत को वापस ले जाने की कोशिश की, लेकिन परमजीत ने उसके साथ जाने से मना कर दिया। इसके बाद काली अपने दो दोस्तों को साथ ससुराल में पेट्रोल लेकर पहुंचा। उसने स्प्रे करने वाले पंप में पेट्रोल डाल कर घर में सोए पत्नी-बच्चों और सास-ससुर पर छिड़काव कर दिया और बाहर से दरवाजा बंद कर दिया। पड़ोसियों के मुताबिक काली ने आग लगाने के बाद चिल्लाते हुए कहा कि मैंने ही आग लगाई है। इसके बाद आरोपी फरार हो गया था।
