गांधीनगर
गुजरात में विधानसभा चुनाव पूरे रंग में है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और कांग्रेस के अलावा आम आदमी पार्टी (आप) भी पूरा दमखम लगा रही है। किसकी सरकार बनेगी और कौन विपक्ष में बैठेगा यह तो 8 दिसंबर को काउंटिंग के बाद तय होगा, फिलहाल सभी दल अपनी-अपनी जीत के दावे कर रहे हैं। तमाम सर्वे एजेंसियां जहां एक बार फिर भाजपा की जीत का अनुमान लगा रही हैं तो कांग्रेस और ‘आप’ ने इन्हें गलत बताते हुए अपनी सरकार बनना का दावा कर रहे हैं।
यह भी माना जा रहा है कि भाजपा विरोधी मतों का कांग्रेस और ‘आप’ के बीच बंटवारा हो सकता है। ऐसे में सवाल यह भी उठता है कि यदि भाजपा को स्पष्ट बहुमत नहीं मिलता है तो क्या कांग्रेस और ‘आप’ साथ मिलकर सरकार बना सकते हैं? दिल्ली के मुख्यमंत्री और ‘आप’ संयोजक अरविंद केजरीवाल ने एक इंटरव्यू में इसका जवाब दिया है। उन्होंने दिल्ली में कांग्रेस का साथ लेकर पहली बार सरकार बनाने के फैसले पर भी जवाब दिया और कहा कि उन्होंने जनता की इच्छा की वजह से ऐसा किया।
टीवी-9 भारतवर्ष को दिए इंटरव्यू में जब उनसे पूछा गया कि क्या वह जरूरत पड़ने पर कांग्रेस के साथ सरकार सरकार बनाएंगे, इसके जवाब में हंसते हुए केजरीवाल ने कहा, ”अभी तो आप शुभ-शुभ बोलिए। प्रार्थना कीजिए कि हमारी सरकार अपने दम पर बने।” कसम खाने के बावजूद दिल्ली में कांग्रेस के साथ सरकार बनाए जाने को लेकर एक सवाल के जवाब में केजरीवाल ने कहा, ”मैंने तो जनता से पूछा था। दिल्ली के चुनाव के बाद मैं बिलकुल भी उनके साथ नहीं जाना चाहता था। फिर दिल्ली के अंदर गली-गली में जाकर हमने जनता के साथ जाकर बैठकें कीं। उन्होंने कहा कि जी सरकार बना लो और अपना अजेंडा पूरा करो।”
केजरीवाल ने आगे कहा कि 49 दिन की सरकार थी। सरकार बनते ही अपने बिजली बिल माफ कर दिए। पूरी दिल्ली का पानी बिल माफ कर दिया। भ्रष्टाचार खत्म कर दिया। 49 दिन के अंदर जो एक तरह से रोमांटिज्म हुआ ना हमारी सरकार का। लोग कहते थे कि यह अनिल कपूर की नायक फिल्म का स्टाइल है। उस 49 दिन की वजह से जनता ने हमें 67 सीटें दीं। काम किया इसलिए सरकार ने फिर हमें वोट दिया।”
