2.5 C
London
Thursday, March 26, 2026
Homeराज्यअशोक गहलोत और सचिन पायलट को साध पाएंगे खड़गे? जानें क्या होगी...

अशोक गहलोत और सचिन पायलट को साध पाएंगे खड़गे? जानें क्या होगी रणनीति

Published on

जयपुर

कांग्रेस के नवनिर्वाचित अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के लिए राजस्थान के सियासी संकट पर फैसला लेना आसान नहीं होगा। गहलोत और पायलट कैंप के बगावती सुर रोकना खड़गे के लिए बड़ी चुनौती होगी, जो आसान नहीं है। ऐसे में राजस्थान के सियासी घमासान खड़गे के लिए अग्निपरीक्षा माना जा रहा है। खड़गे के अध्यक्ष बनने के बाद उनके फैसलों का असर राजस्थान में देखने को मिलेगा। गहलोत सीएम की कुर्सी छोड़ना चाहते नहीं है। सचिन पायलट झुकने के लिए तैयार नहीं है। गहलोत समर्थक विधायक अपने रुख पर अड़िग है। विधायक अपने पक्ष में फैसला नहीं होने पर बगावत कर सकते हैं। अब अड़गे को बेहद सावाधानी से कदम रखना होगा। हाल ही में पर्यवेक्षक के रूप में राजस्थान से निराश करके लौटाए गए खड़गे का रुख क्या होगा? क्या वह अशोक गहलोत को लेकर कड़ा रुख अख्तियार करेंगे या फिर यथास्थिति बरकरार रखेंगे? इस बीच ‘सीएम इन वेटिंग’ सचिन पायलट ने खड़गे को बधाई देते हुए उनकी तारीफ की है। पायलट ने इसे ‘शुभ संकेत’ बताया है।

मल्लिकार्जुन खड़गे के लिए बड़ी चुनौती
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि मल्लिकार्जुन खड़गे के लिए बड़ी चुनौती है गहलोत और पायलट गुट को साधने की है। खड़गे के सामने राजस्थान में बड़ी चुनौती है। चर्चा है कि खड़गे राजस्थान को लेकर कई विकल्पों पर काम कर रहे हैं। कांग्रेस आलाकमान के नाम एक लाइन का प्रस्ताव पारित करवाने की कोशिश करेंगे। सीएम फैसला फिलहाल नहीं लें। सचिन पायलट के नाम पर सहमति नहीं बनी तो तीसरे व्यक्ति को मुख्यमंत्री बनाया जा सकता है। गहलोत समर्थक मंत्रियों पर क्या ऐक्शन ले सकते हैं। सचिन पायलट के सीएम बनने पर विधायक इस्तीफा वापस नहीं लेते हैं तो ऐक्शन ले सकते हैं। मल्लिकार्जुन खड़गे के कांग्रेस अध्यक्ष बनने में राजस्थान ही सबसे बड़ा टर्निंग पॉइंट बना। खड़गे से पहले राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत पार्टी के सर्वोच्च पद के लिए सबसे बड़े दावेदार थे। सचिन पायलट को मुख्यमंत्री बनाए जाने की अटकलों के बीच विधायक दल की बैठक बुलाई गई तो गहलोत गुट ने इस्तीफे का दांव खेल दिया। पर्यवेक्षक बनाकर भेजे गए मल्लिकार्जुन खड़गे और अजय माकन को निराश होकर अगले दिन लौटना पड़ा। जयपुर में हुए हंगामे के बाद सीन पूरी तरह बदल गया। गहलोत रेस से बाहर हो गए तो खड़गे कांग्रेस चीफ बन गए हैं। ऐसे में उनका रुख राजस्थान और अशोक गहलोत को लेकर क्या होगा, इस पर सियासी पंडितों की निगाहें टिकी हैं।

पायलट बोले- मिलकर चुनौतियों का सामना करेंगे
सचिन पायलट ने कहा कि मल्लिकार्जुन खड़गे को चुनाव जीतने पर बधाई दी है। चुनाव जीतने पर बहुत बड़ी जिम्मेदारी उनके ऊपर आई है। देश के सभी कार्यकर्ता एकजुट होकर खड़गे के नेतृत्व में काम करेंगे। मैं समझता हूं कि चुनाव से कांग्रेस में ताकत आई है। कांग्रेस एकजुट हुई है। सब लोग मिलकर उनके नेतृत्व में काम करेंगे। मुझे पूरा भरोसा है खड़गे का जो अनुभव है। उसका लाभ पार्टी को मिलेगा। आने वाली तमाम चुनौतियों का हम सामना करेंगे। कांग्रेस पार्टी और मजबूत होगी। मधुसूदन मिस्त्री ने निष्पक्ष चुनाव कराया है। सभी मिलकर प्रशंसा की है। किसी और दल ने आज तक नहीं किया है।

Latest articles

बीएचईएल में तजिंदर गुप्ता को मानव संसाधन निदेशक का अतिरिक्त प्रभार

भोपाल। भारत हेवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड (बीएचईएल) में एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक निर्णय के तहत निदेशक...

राजधानी भोपाल से भगवान श्रीराम की नगरी तक हेलीकाप्टर सेवा शुरू — मुख्यमंत्री

भोपाल मुख्यमंत्री डॉक्टर मोहन यादव के जन्मदिन पर बुधवार को भोजपाल महोत्सव मेला समिति द्वारा...

नगर निगम की बड़ी कार्रवाई: शहरभर में अतिक्रमण हटाया, सामान जब्त

भोपाल भोपाल में नगर निगम द्वारा अतिक्रमण के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है।...

More like this

राजस्थान सेमीकंडक्टर पॉलिसी-2026 जारी, निवेश और रोजगार को मिलेगी नई दिशा

जयपुर। भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राज्य सरकार ने ‘‘राजस्थान सेमीकंडक्टर पॉलिसी-2026’’ जारी कर तकनीकी...

बीएचईएल हरिद्वार नाम किया रोशन,‘शौर्य’ गुणता चक्र को राष्ट्रीय स्तर पर मिला प्रथम स्थान

हरिद्वारभारत हेवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड (बीएचईएल) हरिद्वार की हीप इकाई के अंतर्गत न्यू ब्लेड शॉप...

हर घर जल’ की दिशा में राजस्थान का ऐतिहासिक कदम, JJM 2.0 में एमओयू करने वाला देश का पहला राज्य बना

जयपुर । प्रदेश ने ‘हर घर जल’ के लक्ष्य को नई गति देते हुए एक...