बजट 2026 को लेकर देशभर के युवाओं की धड़कनें तेज हैं। हर किसी की जुबान पर एक ही सवाल है—क्या इस बार बेरोजगारी का दंश कम होगा? वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण इस बजट में नौकरियों का पिटारा खोलने की पूरी तैयारी में हैं। सरकार का मुख्य दांव ‘एम्प्लॉयमेंट लिंक्ड इंसेंटिव’ (ELI) और इंटर्नशिप स्कीम्स पर है। 2026 का यह बजट सिर्फ डिग्री बांटने पर नहीं, बल्कि हाथों को काम और जेब में दाम देने पर केंद्रित नजर आ रहा है। आइए जानते हैं वो 5 बड़ी घोषणाएं जो युवाओं की किस्मत बदल सकती हैं।
नौकरी देने वाली कंपनियों की होगी चांदी, युवाओं को मिलेगा सीधा फायदा
PLI की सफलता के बाद अब सरकार ELI (Employment Linked Incentive) पर बड़ा दांव खेल रही है। इस योजना के तहत, जो कंपनियां नए लोगों को भर्ती करेंगी, उन्हें सरकार की ओर से सीधा कैश इंसेंटिव या टैक्स में बड़ी छूट मिलेगी। खास बात यह है कि पहली नौकरी ज्वाइन करने वाले युवाओं के खाते में सरकार की ओर से एक महीने की सैलरी (15,000 रुपये तक) सीधे भेजी जा सकती है। इससे प्राइवेट सेक्टर में भर्ती की रफ्तार तेज होने की पूरी उम्मीद है।
1 करोड़ युवाओं को टॉप कंपनियों में ट्रेनिंग का मौका
युवाओं के लिए सबसे बड़ी खुशखबरी PM इंटर्नशिप स्कीम को लेकर आ सकती है। सरकार मासिक स्टाइपेंड को 5000 रुपये से बढ़ाकर 6000-7000 रुपये करने पर विचार कर रही है। लक्ष्य बहुत बड़ा है—अगले 5 साल में 1 करोड़ युवाओं को देश की टॉप 500 कंपनियों में इंटर्नशिप दिलाना। इससे न केवल युवाओं को काम सीखने का मौका मिलेगा, बल्कि उनके पास हर महीने एक निश्चित आय भी होगी।
छोटे उद्योगों को सस्ता कर्ज, बढ़ेंगे रोजगार के अवसर
सरकार उन सेक्टर्स में पैसा झोंकने वाली है जहाँ इंसानी मेहनत की सबसे ज्यादा जरूरत होती है। टेक्सटाइल (कपड़ा), लेदर, फुटवियर और फूड प्रोसेसिंग जैसे उद्योगों को बजट में भारी सब्सिडी और कम ब्याज दर पर लोन मिलने की उम्मीद है। MSMEs (छोटे उद्योगों) को मजबूती मिलने से स्थानीय स्तर पर नौकरियों का अंबार लग सकता है। अगर इन सेक्टर्स को सही बूस्ट मिला, तो छोटे शहरों के युवाओं को पलायन नहीं करना पड़ेगा।
डिग्री के साथ अब ‘स्किल’ पर होगा सरकार का फोकस
आज के दौर में सिर्फ डिग्री से काम नहीं चलता, स्किल्स जरूरी हैं। बजट 2026 में AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस), रोबोटिक्स और ग्रीन एनर्जी जैसे उभरते हुए क्षेत्रों के लिए मुफ्त ट्रेनिंग और सर्टिफिकेट कोर्सेज का ऐलान हो सकता है। सरकार चाहती है कि भारतीय युवा ग्लोबल मार्केट की जरूरतों के हिसाब से तैयार हों। इसके लिए देश भर में नए स्किल सेंटर खोलने और ऑनलाइन लर्निंग प्लेटफॉर्म्स के लिए बजट आवंटन बढ़ाया जा सकता है।
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मनरेगा का नया अवतार लाएगा गांवों में खुशहाली
गांव के युवाओं के लिए मनरेगा (MNREGA) को बदलकर ‘विकसित भारत गारंटी’ (VB-GRAM G) किया जा सकता है। इसमें काम के दिनों को 100 से बढ़ाकर 125 दिन करने की गारंटी दी जा सकती है। इसका मकसद ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देना और ‘स्किल मैपिंग’ के जरिए युवाओं को उनके हुनर के हिसाब से काम दिलाना है। इससे गांवों में बेरोजगारी की दर में भारी गिरावट आने की संभावना है।
