भोपाल
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने शुक्रवार को शासन सचिवालय स्थित राजस्थान संपर्क हेल्पलाइन 181 का औचक निरीक्षण किया. मुख्यमंत्री ने इस दौरान न केवल हेल्पलाइन की कार्यप्रणाली को समझा, बल्कि कॉल सेंटर के माध्यम से प्रदेश के विभिन्न जिलों के परिवादियों से फोन पर सीधा संवाद कर उनकी समस्याएं भी सुनीं।
जनता से फीडबैक और मौके पर निर्देश निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने आमजन से राज्य सरकार की जन कल्याणकारी योजनाओं का फीडबैक लिया और अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि जन समस्याओं का निस्तारण गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध तरीके से किया जाए उन्होंने कहा कि राज्य सरकार संवेदनशीलता, पारदर्शिता और जवाबदेहिता के साथ हर परिवेदना के निस्तारण के लिए प्रतिबद्ध है।
मुख्यमंत्री ने फोन पर सुनीं जन-समस्याएं संवाद के दौरान मुख्यमंत्री ने कई मामलों में अधिकारियों को त्वरित राहत देने के निर्देश दिए प्रमाण पत्र कोटपूतली-बहरोड़ की पिंकी यादव ने दिव्यांग प्रमाण पत्र और डूंगरपुर के जितेन्द्र व जयपुर की लाजवंती ने जाति व मूल निवास प्रमाण पत्र न बनने की शिकायत की। आवास पट्टा चूरू के किशनलाल ने ग्राम पंचायत स्तर पर मकान का पट्टा लंबित होने की जानकारी दी, जिस पर मुख्यमंत्री ने तुरंत पट्टा जारी करने के निर्देश दिए।
संपर्क पोर्टल पर आ रही समस्याओं की अधिक से अधिक मॉनिटरिंग हो, जिससे परिवादी की समस्या का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित हो सके।भजनलाल शर्मा, मुख्यमंत्री जनसेवा को सर्वोपरि मान रही सरकार मुख्यमंत्री ने शिकायत पंजीकरण और फॉलो-अप की पूरी प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी ली. वर्तमान में 181 हेल्पलाइन के माध्यम से प्रदेश की जनता घर बैठे अपनी समस्याएं दर्ज करा रही है, जिसे सरकार त्वरित राहत का एक सशक्त माध्यम मान रही है. इस दौरान मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को सिस्टम में और अधिक सुधार के भी सुझाव दिए।
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