भोपाल
मप्र राज्य शिक्षा केंद्र ने बुधवार को कक्षा 5वीं और 8वीं का वार्षिक परीक्षा परिणाम जारी कर दिया है। स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह ने वल्लभ भवन में आयोजित एक कार्यक्रम में बटन दबाकर परिणाम घोषित किए। इस वर्ष बोर्ड पैटर्न पर हुई परीक्षाओं में प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थियों का दबदबा साफ नजर आया है, वहीं सफलता के प्रतिशत में छात्राओं ने छात्रों को पीछे छोड़ दिया है।
शानदार रहा सफलता का प्रतिशत
इस साल 5वीं के 95.14% और 8वीं के 93.83% विद्यार्थी उत्तीर्ण हुए हैं। पिछले साल (2025) की तुलना में इस वर्ष परिणामों में सुधार देखा गया है। वर्ष 2025 में 5वीं का रिजल्ट 92.70% और 8वीं का 90.02% रहा था। विशेषज्ञों का मानना है कि इस बार पेपर का स्तर कठिन होने के बावजूद छात्रों का प्रदर्शन सराहनीय रहा।
नरसिंहपुर का दोहरा धमाका, भोपाल-इंदौर पिछड़े स्कूल शिक्षा मंत्री राव उदय प्रताप सिंह का गृह जिला नरसिंहपुर प्रदेश में नंबर वन रहा है। जिले ने 5वीं में 99.70% और 8वीं में 99.38% का रिकॉर्ड स्कोर दर्ज किया। वहीं, महानगरों की बात करें तो इंदौर 5वीं में 26वें स्थान पर रहा, जबकि राजधानी भोपाल टॉप-10 से बाहर होकर 34वें स्थान पर फिसल गई। सबसे कमजोर प्रदर्शन वाले जिले 5वीं दमोह (87.12%) सबसे फिसड्डी रहा। 8वीं सतना (83.79%) सबसे निचले पायदान पर रहा। शहरों से आगे निकले गांव के बच्चे आंकड़ों के विश्लेषण से पता चलता है कि ग्रामीण क्षेत्रों के छात्र संख्या और प्रदर्शन दोनों में शहरी छात्रों से आगे रहे। कुल परीक्षार्थी 23.68 लाख
ग्रामीण छात्र 16.78 लाख (70% से अधिक) शहरी छात्र 6.90 लाख माध्यमवार और वर्गवार विश्लेषण
वर्ग कक्षा 5वीं में एसटी (ST) वर्ग और 8वीं में जनरल वर्ग ने सबसे अधिक सफलता दर हासिल की।
माध्यम: 8वीं में मराठी माध्यम का रिजल्ट 100% रहा, जबकि अंग्रेजी माध्यम का 96.11% और हिंदी माध्यम का 93.14% रहा।
आधुनिक तकनीक से देखें रिजल्ट
विभाग ने इस बार परिणाम देखने की प्रक्रिया को बेहद आसान बनाया है। छात्र राज्य शिक्षा केंद्र के पोर्टल के अलावा विभाग द्वारा जारी QR कोड को स्कैन करके भी अपना रिजल्ट देख सकते हैं।
इनका कहना है—
बोर्ड पैटर्न लागू होने से शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार हुआ है। ग्रामीण क्षेत्रों और बेटियों का बेहतर प्रदर्शन प्रदेश की बदलती शिक्षा व्यवस्था का प्रमाण है।
उदय प्रताप सिंह, स्कूल शिक्षा मंत्री
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