संसद भवन में आयोजित भारी उद्योग मंत्रालय की सलाहकार समिति की महत्वपूर्ण बैठक में केंद्रीय भारी उद्योग एवं इस्पात मंत्री एचडी कुमारस्वामी ने भारत को वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला का प्रमुख केंद्र बनाने का संकल्प दोहराया। बैठक की अध्यक्षता करते हुए केंद्रीय मंत्री ने प्रधानमंत्री के ‘विकसित भारत 2047’ के विजन को रेखांकित किया और राष्ट्र निर्माण में सार्वजनिक उपक्रमों, विशेषकर बीएचईएल (भेल) की भूमिका की जमकर सराहना की।
सतत भविष्य और विनिर्माण पर जोर
केंद्रीय मंत्री श्री कुमारस्वामी ने बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि भारत आज प्रधानमंत्री के दूरदर्शी नेतृत्व में एक सतत और उज्ज्वल भविष्य की ओर तेजी से अग्रसर है। उन्होंने ‘मेक इन इंडिया, मेक फॉर द वर्ल्ड’ के दृष्टिकोण पर बल देते हुए कहा कि हमारा लक्ष्य भारत को न केवल विनिर्माण का केंद्र बनाना है, बल्कि उच्च मूल्य वाले उत्पादों के निर्यात में भी वैश्विक अग्रणी स्थापित करना है। विकसित भारत 2047 के रोडमैप के तहत देश को वैश्विक विनिर्माण और आपूर्ति श्रृंखला का एक अनिवार्य हिस्सा बनाने की दिशा में काम किया जा रहा है।
भेल के योगदान की सराहना
बैठक के दौरान माननीय मंत्री ने भारत हेवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड (भेल) द्वारा औद्योगिक और ऊर्जा क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में बीएचईएल जैसे संस्थान अपनी तकनीकी क्षमताओं से महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं। बैठक में एमएचआई के सचिव कामरान रिजवी, नीति आयोग के प्रतिनिधि, विभिन्न सांसद और सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे।
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