भोपाल। मप्र शासन के सामान्य प्रशासन विभाग (मंत्रालय) द्वारा राज्यमंत्रियों को मिलने वाले स्वेच्छानुदान नियमों में एक महत्वपूर्ण संशोधन करते हुए इसकी वित्तीय सीमा को बढ़ा दिया है। इस संबंध में विभाग द्वारा 18 मई 2026 को एक आधिकारिक आदेश जारी किया गया है, जिसके तहत अब राज्यमंत्री किसी भी एक मामले में जरूरतमंदों को अधिक वित्तीय सहायता प्रदान कर सकेंगे।
जारी आदेश के अनुसार, मंत्रियों द्वारा दिए जाने वाले स्वेच्छानुदान को विनियमित करने के लिए पूर्व में लागू अधिसूचना (क्रमांक 1920/3670/एक(1) 81, दिनांक 28 मई, 1982) के नवे अध्याय के वर्तमान पैरा-62 अ(1) (ङ) के प्रावधानों में बदलाव किया गया है। पुराने उपबंध के स्थान पर अब नया प्रावधान प्रतिस्थापित किया गया है, जिसके मुताबिक किसी भी एक वर्ष में, किसी भी एक मामले के संबंध में अधिक से अधिक राज्यमंत्रियों द्वारा दी जाने वाली सहायता राशि को रुपये 16,000/- (सोलह हजार) से बढ़ाकर अब रुपये 25,000/- (पच्चीस हजार) तक सीमित किया गया है।
इसके अलावा नियमों के शेष प्रावधान पूर्व की तरह यथावत रहेंगे। सामान्य प्रशासन विभाग के अवर सचिव (Under Secretary) सुमन रायकवार के हस्ताक्षरों से जारी इस आदेश में स्पष्ट किया गया है कि यह नया नियम आदेश जारी होने के दिनांक (18 मई 2026) से ही तत्काल प्रभावशील हो गया है। उल्लेखनीय है कि यह महत्वपूर्ण आदेश मंत्रिपरिषद (Cabinet) द्वारा बीते 11 मई, 2026 को आयोजित बैठक के ‘आइटम क्रमांक 7’ में लिए गए निर्णय के अनुपालन में मध्य प्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार जारी किया गया है। इस वित्तीय सीमा में वृद्धि होने से राज्य के गरीब और जरूरतमंद नागरिकों को विभिन्न चिकित्सा, शिक्षा व अन्य व्यक्तिगत आपदाओं के समय राज्यमंत्रियों के माध्यम से अधिक आर्थिक मदद मिल सकेगी।
