नई दिल्ली/भोपाल। सार्वजनिक क्षेत्र की देश की अग्रणी महारत्न कंपनी भारत हेवी इलेक्ट्रिकल लिमिटेड (भेल) को दामोदर वैली कॉर्पोरेशन (डीवीसी), कोलकाता से पश्चिम बंगाल के दुर्गापुर में स्थापित होने वाले 1×800 मेगावाट के सुपरक्रिटिकल थर्मल पावर स्टेशन के लिए ‘लिमिटेड नोटिस टू प्रोसीड’ (एलएनटीपी) प्राप्त हुआ है। अंतरराष्ट्रीय प्रतिस्पर्धी बोली के तहत वैश्विक दिग्गजों को पछाड़कर बीएचईएल ने इस मुख्य संयंत्र पैकेज को अपने नाम किया है, जो प्रौद्योगिकी और कीमत के मोर्चे पर कंपनी की मजबूत पकड़ को दर्शाता है। यह एलएनटीपी 10 जून 2026 को जारी किया गया, जिसकी आधिकारिक सूचना बीएचईएल ने 11 जून 2026 को शेयर बाजारों (बीएसई और एनएसई) को दी।
बड़े पैमाने की बिजली परियोजनाओं में बॉयलर, टर्बाइन और जनरेटर जैसे महत्वपूर्ण उपकरणों के निर्माण चक्र में 18 से 30 महीने का लंबा समय लगता है। पूरी व्यावसायिक औपचारिकताओं की प्रतीक्षा करने से परियोजना में देरी न हो, इसलिए डीवीसी ने बीएचईएल को यह एलएनटीपी जारी किया है। वर्तमान एलएनटीपी के तहत बीएचईएल एडवांस इंजीनियरिंग और लंबी अवधि की महत्वपूर्ण वस्तुओं की खरीद प्रक्रिया शुरू करेगी, जिसकी लागत जीएसटी (GST) को छोड़कर 90 करोड़ रुपये से अधिक है। इस एलएनटीपी तिथि के 10 महीनों के भीतर (लगभग अप्रैल 2027 तक) डीवीसी द्वारा मुख्य संयंत्र पैकेज की पूरी आपूर्ति और निष्पादन का औपचारिक व अंतिम व्यावसायिक अनुबंध पूरा कर लिया जाएगा।
बीएचईएल इस परियोजना के तहत थर्मल पावर स्टेशन के सबसे जटिल और उच्च मूल्य वाले हिस्से—बॉयलर, टरबाइन और जनरेटर (BTG) पैकेज की आपूर्ति करेगी। 800 मेगावाट की यह इकाई आधुनिक ‘सुपरक्रिटिकल तकनीक’ पर आधारित होगी। यह तकनीक पानी के क्रांतिक बिंदु से भी अधिक भाप के दबाव और तापमान पर काम करती है, जिससे पारंपरिक सबक्रिटिकल संयंत्रों की तुलना में कहीं अधिक थर्मल दक्षता मिलती है। इसके परिणामस्वरूप प्रति इकाई बिजली उत्पादन के लिए कम कोयले की खपत होगी, जिससे ईंधन लागत और कार्बन उत्सर्जन दोनों में भारी कमी आएगी।
भारत में बिजली की चरम मांग को पूरा करने के लिए केंद्र सरकार कुशल सुपरक्रिटिकल तकनीक आधारित कोयला संयंत्रों के विस्तार पर जोर दे रही है। ऐसे समय में डीवीसी दुर्गापुर का यह पैकेज मिलने से बीएचईएल की ऑर्डर बुक को और मजबूती मिली है। थर्मल पावर उपकरणों के प्रमुख घरेलू आपूर्तिकर्ता के रूप में बीएचईएल की स्थिति अब और सुदृढ़ हो गई है। देश भर में स्थापित सैकड़ों उत्पादन इकाइयों और अद्वितीय स्थानीय सेवा अवसंरचना के कारण दीर्घकालिक संचालन व रखरखाव (O&M) के मामले में भी बीएचईएल को अंतरराष्ट्रीय प्रतिस्पर्धियों पर बड़ी बढ़त हासिल है।
