भोपाल। राजधानी के कोहेफिजा थाने में भ्रष्टाचार का बड़ा मामला सामने आया है, जहाँ पुलिस कमिश्नर से मिली शिकायत के बाद विभाग ने अपने ही स्टाफ पर शिकंजा कसा है। एसीपी (ACP) अनिल वाजपेयी के नेतृत्व में की गई कार्रवाई के दौरान कोहेफिजा थाने के आरक्षक यशपाल तोमर और एफआरवी (FRV) के एक ड्राइवर को रिश्वत लेते हुए रंगेहाथ ट्रैप किया गया। जानकारी के अनुसार, पूरा मामला एक मकान मालिक और किराएदार के बीच चल रहे विवाद से जुड़ा है।
आरोप है कि आरक्षक यशपाल तोमर इस विवाद को सुलझाने या किराएदार के पक्ष में कार्रवाई करने के बदले 50 हजार रुपए की मांग कर रहा था। जब इसकी शिकायत पुलिस कमिश्नर तक पहुँची, तो उन्होंने तत्काल जांच और कार्रवाई के निर्देश दिए। ट्रैप ऑपरेशन के बाद आरोपी आरक्षक को हिरासत में ले लिया गया है, वहीं संविदा ड्राइवर को पद से हटा दिया गया है।
इस घटना के बाद अब कोहेफिजा थाने के अन्य अधिकारियों और कर्मचारियों की भूमिका भी संदेह के घेरे में है। पुलिस विभाग अब थाना प्रभारी केजी शुक्ला के आचरण और इस मामले में उनकी संलिप्तता की भी गहराई से जांच कर रहा है। विभाग की इस कार्रवाई से पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है।
