11.6 C
London
Wednesday, February 11, 2026
Homeराज्य'कैश का भंडार' रखने वाले पार्थ चटर्जी के पास 11 साल पहले...

‘कैश का भंडार’ रखने वाले पार्थ चटर्जी के पास 11 साल पहले थे सिर्फ 6300 रुपये

Published on

कोलकाता,

पश्चिम बंगाल के चर्चित शिक्षक भर्ती घोटाले में गिरफ्तार पार्थ चटर्जी की मुसीबतें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं. पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने तमाम आलोचनाओं के बाद आखिरकार गुरुवार को पार्थ चर्टजी को कैबिनेट से बाहर का रास्ता दिखा दिया. दरअसल, पार्थ चटर्जी की करीबी अर्पिता मुखर्जी के ठिकानों से लगातार मिल रहे कैश के बाद ये कदम उठाया. ईडी ने अब तक अर्पिता मुखर्जी के ठिकानों से 50 करोड़ रुपए से ज्यादा कैश बरामद किया है. सूत्रों के मुताबिक, अर्पिता मुखर्जी ने ईडी की पूछताछ में माना है कि ये सारा पैसा पार्थ चटर्जी का है. खास बात ये है कि ईडी को भले ही करोड़ों रुपए मिले हों, लेकिन पार्थ ने 2011 चुनाव से पहले चुनाव आयोग के पास जो हलफनामा पेश किया था, उसके मुताबिक, उनके पास सिर्फ 6300 रुपए थे.

दरअसल, घोटाले में नाम आने के बाद पार्थ चटर्जी के चुनाव आयोग में पेश हलफनामे सामने आए हैं. इनके मुताबिक, 2021 के विधानसभा चुनाव में पार्थ चटर्जी ने चुनाव आयोग को बताया था कि उनके पास सिर्फ 148676 रुपए नकद हैं. जबकि 2011 में उन्होंने अपने पास यह राशि सिर्फ 6300 रुपए बताई थी. हालांकि, 2011 में पार्थ चटर्जी ने अपने पास कुल 1164555 रुपए की इनकम दिखाई थी. जबकि 2021 में उन्होंने आईटी रिटर्न में कुल इनकम 539720 रुपए दिखाई.

अर्पिता ने खोले राज
ईडी ने पार्थ चटर्जी की करीबी अर्पित मुखर्जी के फ्लैट पर सबसे पहले 23 जुलाई को छापा मारा था. इस दौरान ईडी को 21 करोड़ रुपए से ज्यादा कैश बरामद हुआ था. इसके बाद ईडी ने अर्पिता को गिरफ्तार कर लिया था. अर्पिता ने ईडी की पूछताछ में कबूला था कि उसके फ्लैट से मिले पैसे पार्थ चैटर्जी के हैं और उसके घर का इस्तेमाल पैसे रखने के लिए किया गया. इसके बाद ईडी ने बुधवार को अर्पिता के एक और फ्लैट पर छापे मारे थे. इस दौरान ईडी को करीब 29 करोड़ रुपए कैश और करीब 5 करोड़ रुपए का गोल्ड बरामद हुआ था.

कैसे ईडी के निशाने पर आई अर्पिता?
ईडी ने बंगाल के शिक्षक भर्ती मामले में इस साल मई में जांच शुरू की थी. ईडी ने 22 जुलाई को पार्थ चटर्जी के ठिकानों समेत 14 जगहों पर छापेमारी की थी. पार्थ चटर्जी के ठिकानों पर छापेमारी के दौरान ईडी को अर्पिता मुखर्जी की प्रॉपर्टी के दस्तावेज मिले थे. जब पार्थ चटर्जी से अर्पिता की पहचान पूछी गई, तो उन्होंने इस बारे में संतोषजनक उत्तर नहीं दिया. इसके बाद ईडी के रडार पर अर्पिता मुखर्जी आ गईं. जब ईडी ने अर्पिता के फ्लैट पर छापा मारा तो उनके घर से खजाना बरामद हुआ. अर्पिता एक मॉडल हैं. वे बंगला और ओडिशा फिल्मों में छोटे मोटे रोल करती रही हैं. इतना ही नहीं अर्पिता पार्थ चटर्जी की दुर्गा पूजा में ब्रांड एंबेसडर रही हैं.

Latest articles

बीएचईएल को कोल इंडिया के संयुक्त उद्यम से ₹2,800 करोड़ का बड़ा ऑर्डर

दिल्ली सार्वजनिक क्षेत्र की इंजीनियरिंग दिग्गज भारत हेवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड  ने एक बार फिर बड़ी...

बीएचईएल को मिला  राजभाषा सम्मान तृतीय पुरस्कार

भोपाल राजभाषा हिंदी के प्रभावी कार्यान्वयन, कार्यालयीन कार्यों में हिंदी के व्यापक उपयोग तथा हिंदी...

भेल के शेयरों में निवेश का अवसर, सरकार बेच रही 5% हिस्सेदारी

दिल्ली केंद्र सरकार सार्वजनिक क्षेत्र की प्रमुख कंपनी भारत हैवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड में अपनी हिस्सेदारी...

बीएचईएल के ट्रेक्शन मोटर ब्लॉक में मोटर फेल होने का सिलसिला जारी,अप्रैल 2025 से फरवरी 2026 तक 300 मोटर फेल

भोपाल । बीएचईएल के ब्रेड बटर यानि ट्रेक्शन मोटर भगवान भरोसे,भारत हेवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड भेल...

More like this

11वीं की छात्रा से दुष्कर्म मामले में ‘यासीन मछली गैंग’ से जुड़ा जिम संचालक गिरफ्तार

भोपाल राजधानी भोपाल में 11वीं की नाबालिग छात्रा से दुष्कर्म और ब्लैकमेलिंग के मामले में...

विश्वास का प्रतीक होती हैं सहकारिता संस्थाएं: राज्यमंत्री श्रीमती गौर

भोपाल पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीमती कृष्णा गौर ने कहा कि...

दादाजी धाम में संत श्री गजानन महाराज का 148वाँ प्राकट्य दिवस श्रद्धा-भक्ति से संपन्न

भोपाल। जागृत एवं दर्शनीय तीर्थ स्थल दादाजी धाम मंदिर, रायसेन रोड, पटेल नगर, भोपाल में...