Sugar Level Control Tips: आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी और बिगड़ते लाइफस्टाइल के कारण ब्लड शुगर (Blood Sugar) का लेवल गड़बड़ाना एक आम समस्या बन गई है। खराब खान-पान, तनाव और फिजिकल एक्टिविटी की कमी के कारण सिर्फ डायबिटीज के मरीज ही नहीं, बल्कि आम लोग भी शुगर फ्लक्चुएशन (उतार-चढ़ाव) का शिकार हो रहे हैं। एक्सपर्ट्स का मानना है कि अगर समय रहते आदतों में सुधार कर लिया जाए, तो भविष्य में होने वाली बड़ी बीमारियों के खतरे को टाला जा सकता है। बिना महंगी दवाइयों के, आप अपनी रसोई में मौजूद चीजों और अनुशासन के दम पर शुगर को काबू में रख सकते हैं।
12 से 16 घंटे का उपवास है ‘रामबाण’ इलाज
डॉक्टर की सलाह लेकर इंटरमिटेंट फास्टिंग (Intermittent Fasting) अपनाना शुगर कंट्रोल करने का एक बेहतरीन तरीका है। इसमें दिन के 12 से 16 घंटे कुछ न खाकर, केवल एक निश्चित समय (जैसे 8 घंटे) के भीतर ही भोजन किया जाता है। इससे शरीर को इंसुलिन का बेहतर इस्तेमाल करने का मौका मिलता है और एक्स्ट्रा फैट भी कम होता है। सुबह का नाश्ता थोड़ी देरी से और रात का खाना सूरज ढलने के आसपास कर लेना सबसे आसान तरीका है।
इंसुलिन फंक्शन को बेहतर बनाती हैं ये जड़ी-बूटियां
हमारी रसोई में मौजूद मेथी दाना, करेला और दालचीनी जैसे तत्व नेचुरल इंसुलिन की तरह काम करते हैं। रातभर पानी में भीगे हुए मेथी के दानों का सुबह खाली पेट सेवन करने से भोजन के बाद बढ़ने वाला शुगर लेवल कंट्रोल में रहता है। इसी तरह, दालचीनी का पाउडर भी मेटाबॉलिज्म को दुरुस्त करता है। इन चीजों का सीमित मात्रा में रोजाना इस्तेमाल करने से दवाइयों पर निर्भरता कम हो सकती है।
निश्चित समय पर खाना खाने से नहीं बढ़ेगा शुगर स्पाइक
शुगर लेवल को स्थिर रखने का सबसे आसान ‘देसी’ मंत्र है—वक्त पर खाना। जब हम हर दिन एक ही समय पर भोजन करते हैं, तो हमारा शरीर इंसुलिन रिलीज करने के लिए पहले से तैयार रहता है। इससे अचानक शुगर बढ़ने या घटने (Spikes and Crashes) की समस्या खत्म हो जाती है। बेवक्त खाने या बार-बार स्नैक्स चबाने से शरीर का हार्मोनल बैलेंस बिगड़ जाता है, इसलिए खाने का एक पक्का टाइम फिक्स करना जरूरी है।
हरी सब्जियां और साबुत अनाज हैं सेहत का खजाना
भोजन में फाइबर (Fiber) की मात्रा बढ़ाने से ब्लड शुगर धीरे-धीरे खून में मिलता है, जिससे शुगर अचानक नहीं बढ़ती। फाइबर न केवल पाचन को बेहतर बनाता है बल्कि आपको लंबे समय तक भूख भी नहीं लगने देता। इसके लिए अपनी थाली में छिलके वाली दालें, हरी पत्तेदार सब्जियां, चोकर युक्त आटा और मौसमी फलों को जरूर शामिल करें।
सफेद चावल और मैदे की जगह अपनाएं ओट्स और ब्राउन राइस
जिन चीजों का ग्लाइसेमिक इंडेक्स (GI) कम होता है, वे शरीर को धीरे-धीरे एनर्जी देते हैं। सफेद चीनी, मैदा और सफेद चावल जैसी चीजें खून में तुरंत शुगर बढ़ा देती हैं। इनकी जगह ओट्स, ब्राउन राइस, दलिया और चने के आटे का इस्तेमाल करना ज्यादा सुरक्षित है। यह तरीका न केवल शुगर को जड़ से काबू करने में मदद करता है, बल्कि वजन घटाने में भी फायदेमंद है।
