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बवासीर में कौन से फल राहत देंगे और कौन बढ़ाएंगे परेशानी, जानिए एक क्लिक में पूरी लिस्ट

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बवासीर या पाइल्स एक आम लेकिन बेहद तकलीफदेह समस्या है, जिसमें मलद्वार के आसपास सूजन और दर्द होता है। इसमें सही खानपान अहम भूमिका निभाता है। खासकर फल — क्योंकि कुछ फल फाइबर से भरपूर होते हैं जो पाचन को बेहतर बनाते हैं, जबकि कुछ ऐसे होते हैं जो कब्ज बढ़ाकर समस्या को गंभीर बना सकते हैं।

डॉ विशाल खुराना, डायरेक्टर गैस्ट्रोएंटरोलॉजी, मेट्रो हॉस्पिटल फरीदाबाद के मुताबिक अक्सर मरीज सोच में पड़ जाते हैं कि क्या खाएं और क्या नहीं। फल हमें सेहतमंद तो बनाते हैं, लेकिन हर फल हर व्यक्ति के लिए उपयुक्त नहीं होता। खासतौर पर पाइल्स के मरीजों को हाई फाइबर, पानी की मात्रा से भरपूर और नेचुरल लुब्रिकेंट जैसे फल खाने चाहिए, ताकि मल नरम रहे और दर्द से राहत मिले।

इस लेख में हम आपको बताएंगे बवासीर के लिए 5 सबसे अच्छे फल जो रोज़ाना डाइट में शामिल करने चाहिए और साथ ही 5 ऐसे फल जिनसे दूरी बनाना ही बेहतर है। अगर आप बिना दवा के अपनी लाइफस्टाइल और डाइट से राहत पाना चाहते हैं, तो यह जानकारी आपके लिए बेहद जरूरी है।

बवासीर में सबसे फायदेमंद फल- पपीता
पपीता कैसे बवासीर कम कर सकता है, अगर सोच रहे हैं तो यह है जवाब- पपीता एक नैचुरल डाइजेस्टिव है जो पाचन को सुधारता है और मल को नरम बनाए रखने में मदद करता है। इसमें पाए जाने वाले एंजाइम्स कब्ज को दूर करते हैं और आंतों की सफाई करते हैं। रोजाना सुबह खाली पेट पपीता खाने से बवासीर के लक्षणों में काफी राहत मिलती है।

जामुन और अनार: हीलिंग में सहायक
जामुन और अनार में एंटीऑक्सीडेंट्स और फाइबर प्रचुर मात्रा में होते हैं। ये फल खून को साफ करते हैं और शरीर की इम्युनिटी को बढ़ाते हैं। जामुन का सेवन आंतरिक बवासीर में ब्लीडिंग को रोकने में भी कारगर माना गया है। यह शरीर को अंदर से ठंडक भी प्रदान करते हैं।

बवासीर में सेब, नाशपाती और तरबूज क्यों फायदेमंद हैं
सेब और नाशपाती में सॉल्युबल फाइबर होता है जो पाचन तंत्र के लिए बेहतरीन है। ये मल को सॉफ्ट बनाते हैं जिससे दर्द नहीं होता। वहीं तरबूज में हाई वाटर कंटेंट होता है जो शरीर को हाइड्रेट रखता है और आंतों की मूवमेंट को स्मूद बनाता है। ये तीनों फल बवासीर में राहत के लिए आदर्श हैं।

इन 5 फलों से बचें, वरना बिगड़ सकती है हालत
केला, अमरूद, शरीफा, आम और सूखे मेवे (खासकर किशमिश, अंजीर) बवासीर के मरीजों के लिए परेशानी का कारण बन सकते हैं। इनमें कुछ फलों में टैनिन्स या सख्त फाइबर होते हैं जो कब्ज बढ़ा सकते हैं। खासकर अधपके केले और बीजदार अमरूद मल को कठोर बनाते हैं, जिससे दर्द और सूजन बढ़ती है।

फलों के साथ भरपूर पानी पिएं
बवासीर में फाइबर वाले फल तभी असर दिखाते हैं जब साथ में पर्याप्त मात्रा में पानी पिया जाए। पानी की कमी से फाइबर उल्टा कब्ज पैदा कर सकता है, जिससे दर्द और सूजन बढ़ सकती है।

बवासीर में फल कैसे और कब खाएं
फल हमेशा छीलकर, अच्छी तरह धोकर और सीमित मात्रा में खाएं। कोशिश करें कि फल सुबह नाश्ते में या दोपहर के समय खाएं। रात्रि में बहुत अधिक फल खाना बचाव के बजाय गैस और कब्ज बढ़ा सकता है। हाइड्रेशन के साथ संतुलित फल सेवन पाइल्स मैनेजमेंट में बेहद असरदार हो सकता है।

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