15.5 C
London
Friday, June 5, 2026
Homeराजनीतिजाति जनगणना: पॉकेट से अश्विनी वैष्णव ने निकाला कागज का टुकड़ा और...

जाति जनगणना: पॉकेट से अश्विनी वैष्णव ने निकाला कागज का टुकड़ा और विपक्ष की पूरी कर दी मांग

Published on

नई दिल्ली:

जाति जनगणना को लेकर मोदी सरकार ने बड़ा फैसला किया है। बुधवार इस फैसले की जानकारी देते हुए केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि सरकार ने मुख्य जनगणना में जाति जनगणना को शामिल करने का फैसला किया है। कैबिनेट कमेटी ऑन पॉलिटिकल अफेयर्स ने यह निर्णय लिया है। पाकिस्तान से तनाव और भारत के जवाबी कार्रवाई के इंतजार के बीच आज ही CCS और CCPA की बैठक हुई और इस मीटिंग के बाद सरकार के फैसले का इंतजार किया जा रहा था। इस बीच सरकार की ओर से इस बड़े फैसले की जानकारी दी जाती है। शुरुआत में अश्विनी वैष्णव केन्द्रीय मंत्रिमंडल के शिलॉन्ग से सिलचर तक हाई-स्पीड कॉरिडोर हाईवे परियोजना, किसानों के लिए गन्ने के उचित मूल्य की जानकारी दे रहे थे। आखिरी वक्त में जब प्रेस ब्रीफिंग खत्म होने वाली थी तभी उन्होंने चुपचाप पॉकेट से एक पर्चा निकालकर जाति जनगणना वाली बात पढ़ दी।

सरकार का यह फैसला इस लिहाज से काफी महत्वपूर्ण है क्योंकि विपक्ष की ओर से लगातार इस मुद्दे को उठाया जा रहा था। 2024 के लोकसभा चुनाव में तो इंडिया गठबंधन में शामिल अधिकांश दलों ने इस मांग को जोर-शोर से उठाया था। साथ ही यह ऐलान किया था कि उनकी जब सरकार आएगी तो जातिगत जनगणना होगी। लोकसभा में नेता विपक्ष और कांग्रेस नेता राहुल गांधी तो लगातार इस मांग को दोहराते रहे हैं। वहीं इस फैसले को बिहार चुनाव से भी जोड़कर देखा जा रहा है।

बिहार इकलौता ऐसा राज्य है जहां जाति आधारित सर्वे रिपोर्ट को सार्वजनिक किया गया। आंध्र और तेलंगाना में जाति आधारित सर्वे शुरू हुआ लेकिन उसकी रिपोर्ट नहीं आई। राजनीतिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति द्वारा लिए गए निर्णयों की घोषणा करते हुए केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि जनगणना केंद्र के अधिकार क्षेत्र में आती है लेकिन कुछ राज्यों ने सर्वेक्षण के नाम पर जाति गणना की है। वैष्णव ने आरोप लगाया कि विपक्षी दलों द्वारा शासित राज्यों ने राजनीतिक कारणों से जाति आधारित सर्वेक्षण कराया गया है।

उन्होंने कहा कि मोदी सरकार का संकल्प है कि आगामी अखिल भारतीय जनगणना प्रक्रिया में जातिगत गणना को पारदर्शी तरीके से शामिल किया जाएगा। भारत में प्रत्येक 10 साल में होने वाली जनगणना अप्रैल 2020 में शुरू होनी थी, लेकिन कोविड महामारी के कारण इसमें देरी हुई। आसान शब्दों में कहें तो अब जनगणना में यह भी पता चलेगा कि देश में किस जाति के कितने लोग हैं। सरकार का मानना है कि इससे विकास योजनाओं को बेहतर तरीके से लागू करने में मदद मिलेगी।

Latest articles

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय करेंगे बोर्ड टॉपर बच्चों का सम्मान, प्रत्येक मेधावी को मिलेंगे दो-दो लाख रुपए

रायपुर। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय शुक्रवार, 5 जून को राजधानी रायपुर के...

कांस्टेबल भर्ती: रिक्त पदों को भरने के लिए 19 अभ्यर्थियों की नई सूची जारी

जयपुर। राजस्थान पुलिस में कांस्टेबल भर्ती-2025 की प्रक्रिया के तहत रिक्त रह गए पदों...

‘खालसा टैक्स’ विवाद पर हिमाचल-पंजाब आमने-सामने, सीएम सुक्खू ने भगवंत मान से की मुलाकात

शिमला/चंडीगढ़। हिमाचल प्रदेश की सीमाओं पर बाहरी राज्यों के वाहनों से वसूले जा रहे...

“पति को जल्द गिरफ्तार करें, नहीं तो वह मुझे मार डालेगा”: घरेलू हिंसा की शिकार महिला ने लगाई गुहार

भोपाल। भोपाल के भीमनगर क्षेत्र की रहने वाली गीता पटेल ने अपने पति पर...

More like this

एक जिला एक उत्पाद’ नीति से राजस्थान के स्थानीय उत्पादों को मिल रही वैश्विक पहचान

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राजस्थान सरकार स्थानीय उत्पादों को वैश्विक पहचान दिलाने...

1 अप्रैल से भोपाल में प्रॉपर्टी खरीदना होगा महंगा, 740 लोकेशन पर बढ़ेगी कलेक्टर गाइड लाइन

भोपाल राजधानी भोपाल में 1 अप्रैल से प्रॉपर्टी खरीदना महंगा हो जाएगा। जिले की कुल...

इंद्रपुरी लेबर कॉलोनी को बचाने के लिए कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन: पट्टा धारियों के घर तोड़ने की कार्रवाई का विरोध

भोपाल राजधानी के वार्ड 66 स्थित इंद्रपुरी लेबर कॉलोनी के निवासियों के आशियानों पर मंडरा...